पानी की बूँदे
आती है जो गालों पे
अक्सर जब मन भर आए
हे रूप अनेक इसके
दिल को ये सेहेलाए
ग़म अगर हो ज़्यादा
बन जाती है ये रुलाई
ख़ुशी अगर हो इतनी
मोती बन ये हसाए
हमेशा ये साथ देते
हमे हर पल ये बेहेलाती
अनमोल ये पानी की बूँदे
आँसू हे कहेलाती
December 3, 2007 at 3:11 am (पानी की बूँदे)
Tags: ansoon, hindi poem, mehek, pani, shayari, sher
पानी की बूँदे
आती है जो गालों पे
अक्सर जब मन भर आए
हे रूप अनेक इसके
दिल को ये सेहेलाए
ग़म अगर हो ज़्यादा
बन जाती है ये रुलाई
ख़ुशी अगर हो इतनी
मोती बन ये हसाए
हमेशा ये साथ देते
हमे हर पल ये बेहेलाती
अनमोल ये पानी की बूँदे
आँसू हे कहेलाती
Rewa said,
March 3, 2008 at 7:09 am
bahut sunder!
paani re paani tera rang kaisa….