वादिया
इन हसीं वादियो में
गूँजे हे माधुर स्वर
जेसे हवा मे लेहेर
कुछ केहना चाहे मगर
जीवन के इन राहों में
हो तेरा साथ अगर
ये तेरी वादिया ही होंगी
मेरे क़दमो की डगर
December 3, 2007 at 3:07 am (Uncategorized)
Tags: hindi poem, kavita, mehek, shayari, sher, wadiyan
वादिया
इन हसीं वादियो में
गूँजे हे माधुर स्वर
जेसे हवा मे लेहेर
कुछ केहना चाहे मगर
जीवन के इन राहों में
हो तेरा साथ अगर
ये तेरी वादिया ही होंगी
मेरे क़दमो की डगर