Satrangi

उचें नील गगन में
बारिश के बूँद के बाद
जब पवन सुरीला साथ
मयूर नाचे तनमन से
दूर यहा से वहा तक
अपनी बाहे फैला के
सात रंगो का इंद्रा धानुष आए
सारी धरती को सेहेलाने.

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