कभी कोई रिश्ते अनचाहे,अनकहे ही टूट जाते है
याद रखना नफ़रत के काटो में भी ,प्यार के गुलाब होते है |
top post
December 22, 2007 at 6:40 am (shayari)
Tags: कभी रिश्ते, hindi poem, mehek, shayari, sher
कभी कोई रिश्ते अनचाहे,अनकहे ही टूट जाते है
याद रखना नफ़रत के काटो में भी ,प्यार के गुलाब होते है |
top post
मेरे द्वारा रचित
प्रविष्टियाँ पढ़ें
Blog at WordPress.com. · Theme: Thirteen by Beccary