जान लो तुम इतना

जान लो तुम इतना

जह में इतने जो वाल लेकर घूमते हो
उनका जवाब सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |

ज़िंदगी के सागरी तूफ़ा से बच कर जो निकले हो
तुम्हारे साहिल सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |

तुम्हारे सुख दुख में साथ दिया,संभाला है तुम्हे
वो अश्क सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |

दुनिया की नज़रों से छिपाकर,मोती बनाया तुम्हे
वो सीपी सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |

अगर तुम हर दिल की बगिया के फूल हो
हम महक तुम्हारी,मान लो तुम इतना |

हर राह--गुजर पर साथ तुम्हारे जो चले
वो साया , संगिनी हम है,पहचान लो तुम इतना |

2 Comments

  1. March 23, 2008 at 12:32 pm

    Sach me..! Achhi kavita hai….!

  2. mehhekk said,

    March 25, 2008 at 5:58 am

    aabhari hun


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