जान लो तुम इतना
जहन में इतने जो सवाल लेकर घूमते हो
उनका जवाब सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |
ज़िंदगी के सागरी तूफ़ा से बच कर जो निकले हो
तुम्हारे साहिल सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |
तुम्हारे सुख दुख में साथ दिया,संभाला है तुम्हे
वो अश्क सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |
दुनिया की नज़रों से छिपाकर,मोती बनाया तुम्हे
वो सीपी सिर्फ़ हम है,जान लो तुम इतना |
अगर तुम हर दिल की बगिया के फूल हो
हम महक तुम्हारी,मान लो तुम इतना |
हर राह-ए-गुजर पर साथ तुम्हारे जो चले
वो साया , संगिनी हम है,पहचान लो तुम इतना |




Santosh Mishra said,
March 23, 2008 at 12:32 pm
Sach me..! Achhi kavita hai….!
mehhekk said,
March 25, 2008 at 5:58 am
aabhari hun