रात रात भर करवटे बदलते नज़र आये
तेरी यादों के साये बेवक़्त हमे सलते है |
दुनिया की सच्चाई से रिश्ता तोड़ लाए
तुझसे मिलनके ख्वाब में हम पलते है |
तुझ तक पहुँचना अब मुश्किल ना रहा
तेरे कदमो के निशान पर हम चलते है |
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जनवरी 9, 2008 at 4:55 अपराह्न (shayari)
Tags: तेरे कदमो के निशान, Blogroll, gazal, ghazal, hindi poem, ishq, kavita, khwab, mehek, mehhekk, mohobaat, nishan, pyar, rishta, shayari, sher
रात रात भर करवटे बदलते नज़र आये
तेरी यादों के साये बेवक़्त हमे सलते है |
दुनिया की सच्चाई से रिश्ता तोड़ लाए
तुझसे मिलनके ख्वाब में हम पलते है |
तुझ तक पहुँचना अब मुश्किल ना रहा
तेरे कदमो के निशान पर हम चलते है |
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paramjitbali said,
जनवरी 9, 2008 at 5:53 अपराह्न
बहुत सुन्दर व बढिया रचना है।
तुझ तक पहुँचना अब मुश्किल ना रहा
तेरे कदमो के निशान पर हम चलते है |
mehhekk said,
जनवरी 10, 2008 at 3:29 पूर्वाह्न
shukran baliji,aapne hamara hausla sada badhaye aur barkarar rakha hai,aage bhi rahe yhi umid hai,aabhari hun.
विनय प्रजापति said,
जनवरी 10, 2008 at 5:44 पूर्वाह्न
दुनिया की सच्चाई से रिश्ता तोड़ लाए
तुझसे मिलन के ख़ाब में हम पलते हैं
ख़ाब में पलने का ख़्याल नया है|
mehek said,
जनवरी 10, 2008 at 10:28 पूर्वाह्न
dhukran nazarji.