कुछ दिल से

कुछ दिल से 

१. वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा 
   डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान  देने की बात हो |

२. जब तक न तुमसे बातें हो दिल-ए-ग़ुरबत सुकून नही पाता 
   बार- २ दोहराओ वादा-ए-इश्क़,तब तक उसे यकीन नही आता |

३. बैचेनियों के तूफान क्यों उठते है दिल में हर वक़्त 
    तेरी एक नज़र बस ,इत्मीनान से थम जाया करते है |

४. रात की नींद भी सुहानी बने जो तू ख्वाब में आ जाए
     कोई सवाल मुश्किल नही ज़िंदगी का जो तू जवाब दे जाए |

५. तेरी मुस्कान को देख कर,हम भी रोज हंस लेते है
    तुझ से बातें करने संगदिल मगर बहुत तरस जाते है | 

19 Comments

  1. ami said,

    April 20, 2008 at 5:21 am

    I love this line,

    तेरी मुस्कान को देख कर,हम भी रोज हंस लेते है
    तुझ से बातें करने संगदिल मगर बहुत तरस जाते है |

    Life mein aisa kayi baar hota hai.
    Bahut sundar Mehhekk ji.

  2. April 20, 2008 at 6:35 am

    बढ़िया है.

  3. April 20, 2008 at 6:55 am

    महक बहुत सुन्दर शेर हे आप के …लेकिन इश्क़, मे कभी वादा नही करो क्यो कि वादे तो तोडने के लिये होते हे,सुना नही **वो वादा ही कया जो वफ़ा हो जाये**

  4. rasprabha said,

    April 20, 2008 at 7:24 am

    आपकी प्यार भरी कविताओं पर बरबस प्यार आ जाता है……
    प्यार के एहसास बड़े जीवंत लगते हैं.

  5. kanchan said,

    April 20, 2008 at 7:24 am

    वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा
    डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की बात हो |

  6. meenakshi said,

    April 20, 2008 at 9:13 am

    रात की नींद भी सुहानी बने जो तू ख्वाब में आ जाए
    कोई सवाल मुश्किल नही ज़िंदगी का जो तू जवाब दे जाए |

    सभी शेर बहुत खूब … लेकिन यह खास … सपने भी सच होते हैं…. !

  7. April 20, 2008 at 12:24 pm

    रात की नींद भी सुहानी बने जो तू ख्वाब में आ जाए
    कोई सवाल मुश्किल नही ज़िंदगी का जो तू जवाब दे जाए |
    khari bat…….vaise achha laga aaj aapka mood kuch achha maloom padta hai.

  8. April 20, 2008 at 1:39 pm

    रात की नींद भी सुहानी बने जो तू ख्वाब में आ जाए
    कोई सवाल मुश्किल नही ज़िंदगी का जो तू जवाब दे जाए |

    bahut sundar

  9. mehhekk said,

    April 20, 2008 at 5:55 pm

    ami ji,samir ji,raj ji,rashmi ji,kanchan ji,meenakshi ji,anuraag ji,vikram ji,aap sabhi ka tahe dil se shukrana.

  10. SATYENDRA PRASAD SRIVASTAVA said,

    April 20, 2008 at 7:32 pm

    बहुत अच्छा। अच्छे शेर हैं।

  11. shubhashishpandey said,

    April 21, 2008 at 4:33 am

    “डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की बात हो”

    kya baat hai :)

  12. mehhekk said,

    April 21, 2008 at 4:41 am

    satyendra ji,shubhashish ji shukrana

  13. Prabhakar said,

    April 21, 2008 at 2:34 pm

    Dil ko chhu gayi aapki shayary

  14. April 21, 2008 at 3:49 pm

    जब तक न तुमसे बातें हो दिल-ए-ग़ुरबत सुकून नही पाता
    बार- २ दोहराओ वादा-ए-इश्क़,तब तक उसे यकीन नही आता |
    —————————————-
    दिन ब दिन आपकी काव्य रचनाओं में आकर्षण बढ़ता जा रहा है।
    दीपक भारतदीप

  15. Ila said,

    April 22, 2008 at 5:15 am

    रात की नींद भी सुहानी बने जो तू ख्वाब में आ जाए
    कोई सवाल मुश्किल नही ज़िंदगी का जो तू जवाब दे जाए

    BEAUTIFUL SENTIMENTS.WAITING FOR MORE.

  16. mehek said,

    April 22, 2008 at 11:19 am

    prabhakar ji,deepak ji,ila ji shukrana

  17. Rewa Smriti said,

    April 23, 2008 at 1:39 pm

    वैसे तो आपकी हर अदा से वाकिफ़ है दिलदारा
    डरते है जब इश्क़ में इम्तेहान देने की बात हो |

    Beautiful dear.
    Isq hota nahi sabhi ke liye… :)

  18. kmuskan said,

    April 24, 2008 at 12:38 pm

    Har sher bahut khub hai……bahut sunder likha hai

  19. yatin karnik said,

    June 6, 2008 at 10:30 am

    saikal ko pendal nahi to chalane me kya maza
    college mai ladki nahi to patane mai kya maza


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