हिन्दी बोलिये और दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाइए | कुछ ही दिन पहले एक मराठी पेपर में पढ़ा था ,
के हिन्दी बोलते वक़्त दिमाग के दोनो बाजू के हिस्से ,दाया और बाया कार्यरत हो जाते है | क्यूँ की हिन्दी
के कुछ अक्षर,कुछ मात्राए,उकार , बोलने के लिए दिमाग को दोनो हिस्सों का प्रयोग करना पड़ता है |
जब के अंग्रेजी बोलते वक़्त दिमाग का सिर्फ बाया हिस्सा कार्यरत होता है | तो अंग्रेज़ी तभी बोली जाए
जब बहुत जरूरत हो |
हम ये न्यूज़ पढ़कर वैसे ही खुश हो गये | हमारा दिमाग तो डबल कार्यक्षम होगा न | याने ज्यादा होशियार |
वो ऐसे के , रोज़ हमे हिन्दी और मराठी दोनो भाषाओं में सवांद करना होता है | और हिन्दी और मराठी
की वर्णमाला सरिकि है | सो डबल फायदा |
बस एक बात की उलझन बढ़ गयी के जब हमारा दिमाग हिन्दी,मराठी बोलकर इतना गतिशील है,
तो वो गणित में कभी क्यूँ नही चला ? शायद हमारा गणित अंग्रेज़ी में था इसलिए? वैसे भी दसवी के बाद
हमने गणित से तौबा कर ली थी | वो किस्सा फिर कभी सुनाएंगे |




dr arvind mishra said,
नवम्बर 21, 2009 at 7:10 पूर्वाह्न
यह तो बहुत संतोषजनक बात बतायी आपने !
mahaveer b semalni said,
नवम्बर 21, 2009 at 8:18 पूर्वाह्न
मह्कजी!
हिन्दी बोलिये और दिमाग की कार्यक्षमता बढ़ाइए
वाह्! आपने तो अच्छी जानकारी दी।
वैसे भी हिन्दी चिठठाकारो के दिमाग को ज्यादा फायदा होने कि सकियता है।
पर दिमाग की कार्यक्षमता हिन्दीजनो मे बढ जाऍगी तो परेशानिया भी ज्यादा बढने की प्रबल सम्भावनाऍ है महक जी!
कुल मिलाकर आपकी जानकारी के मुताबिक हमे (हिन्दीजनो) फायदे ज्यादा है नुकशान कम।
आभार!
rashmi prabha said,
नवम्बर 21, 2009 at 8:35 पूर्वाह्न
waah……..jankaari dekar achha kliya,waise bhi hum hindi hi bolna pasand karte hain
nirmla.kapila said,
नवम्बर 21, 2009 at 9:13 पूर्वाह्न
हिन्दी अपनी जान है । ये तो बहुत अच्छी जानकारी दी । शुभकामनायें
Asha Joglekar said,
नवम्बर 22, 2009 at 2:48 पूर्वाह्न
अरे, कमाल की जानकारी है ये तो पर हमारा दिमाग लगता नही बहुत कार्यक्षम हुआ है । पर दिल तो खुश हो ही गया ।
preeti tailor said,
नवम्बर 22, 2009 at 6:27 पूर्वाह्न
pata nahin kyon par main bachpanse bingujarati logon ke bich rahi thi to maine apni matribhasha jitni hi sarlata se hindi bhi sikh li thi …aaj bhi jab hindi me baat karti hun to koi kah nahin sakta ki main hindibhashi nahin hun ..aur ye hindi blogs ….ab to jindagika hissa ban chuke hai ….
ek achchha lekh ..
yogesh verma said,
नवम्बर 22, 2009 at 6:54 पूर्वाह्न
achchi jaankari, ke liye aabhaar, hum to hindi bolte hai bhai.
Alpana Verma said,
नवम्बर 22, 2009 at 8:38 पूर्वाह्न
[मराठी पेपर में hindi bhasha ki taarfen??
]
–yah jaankari nayee hai..aur hindi ke prachar mein sahayak hogi.
Munda Sanichari said,
नवम्बर 22, 2009 at 12:51 अपराह्न
hehehe…….sachchi ???
DIGAMBER said,
नवम्बर 23, 2009 at 1:33 पूर्वाह्न
LAJAWAAB AUR ACHEE JAANKAARI … JAROOR KOSHISH KARENGE HUM BHI …
urmi said,
नवम्बर 24, 2009 at 10:35 पूर्वाह्न
बहुत अच्छी जानकारी दी है आपने ! मुझे इस बात का गर्व है कि हिन्दी हमारी राष्ट्रभाषा है !