खुद कभी पहल किया कीजिए एक कदम
राह तो एक ही मंज़िल पर मिलेंगी हमारी
माना के कल ही बात हुई थी जैसे अपनी
ऐसा क्यूँ लगता है मुद्दत हुई तेरी आवाज़ सुने हुए….
खुद कभी पहल किया कीजिए
अक्टूबर 21, 2011 at 6:19 पूर्वाह्न (shayari, Uncategorized)




Asha Joglekar said,
नवम्बर 26, 2011 at 8:43 पूर्वाह्न
वह पहल नही करते तो कहना पडता है
एक कदम आप उठाइये एक कदम हम
फिर देखिये फासले कैसे न होंगे कम ।
Rewa Smriti said,
जनवरी 23, 2012 at 6:26 पूर्वाह्न
माना के कल ही बात हुई थी जैसे अपनी
ऐसा क्यूँ लगता है मुद्दत हुई तेरी आवाज़ सुने हुए….
wah Mehek!
Sorry for delay respond