apni apni manzile
December 1, 2007 at 4:08 am (अपनी अपनी मंज़िले)
Tags: hindi poem, kavita, manzil, poem, rahi, shayari, sher
ये दुनिया एक विशाल सागर
हम बसे हे इसकी कन कन में
सुख दुख तो आते जाते रेहते
जीवन बदले हर एक क्षण में
संग हमारे कितने रिश्ते नाते
हर वक़्त हमे ख़ुशियाँ देते
जैसे ही हम उदास होते
अपने ये ,हमारे आँसू भी पी जाते
पर फिर भी कभी अकेले
बुन कर ख्वाब सज़ीले
तलाशते रेहते हम यहाँ
नई अपनी अपनी मंज़िले



