आज जाने की ज़िद्द ना करो
December 16, 2007 at 1:52 pm (आज जाने की ज़िद्द)
Tags: aasman, आज जाने की ज़िद्द ना , dhundhna, ghazal, hindi poem, ishq, kavita, khoj, maat jana, madhuban, mehek, mehhekk, mohobaat, priyatam, pyar, raste, rukna, shayari, shehnai, sher, shringar, tamas, tanhai, zidd
आज जाने की ज़िद्द ना करो
लगता है जैसे अरसो पुरानी बात है
गमो के साये सदा हमारे साथ है |
तमस की वो बेबसी,और वो तन्हाई
तरस गया मन सुनने,स्वरो की शहनाई |
महलो में रह कर भी, दामन खाली थे
दिपो की माला थी,पर रास्ते बंद थे |
तुम्हे ढूँढने तो , आसमान भी झुक गये
जहा छोड़ी थी राह , हम वही रुक गये |
आज मेरे सरताज , जो तुम आए हो
प्यार के मधुबन , अपने साथ लाए हो |
सोला शृंगार किये , मेरे मंन की बात हरो
प्रियतम,आज जाने की जिद्द ना करो |
top post



