कुछ कहना तो है
December 26, 2007 at 2:32 am (कुछ कहना है)
Tags: कुछ कहना तो है, Blogroll, hindi poem, ishq, kavita, mehek, mehhekk, mohobaat, pyar, shayari, sher
कुछ कहना तो है
निगाहे जब मिलती है निगाहो से तेरी
शर्मो हया की धुन्द रुखसते हो सारी
निगाहो से कुछ कहना तो है मगर
पलके झुक जाती है
साथ नही देती है |
चहेरे के सामने जब तेरा चहेरा है आता
मुस्कुराहटो के फूल ,तनमन से बरसाता
मुस्कान से कुछ कहना तो है मगर
लब सील जाते है
साथ नही देते है |
हाथो में मेरे जब तेरा हाथ होता है
जज़्बात तुमसे कहने,ये दिल मचलता है
दिल से कुछ कहना तो है मगर
ज़बां लड़खड़ा जाती है
साथ नही देती है |
एक दिन तुमसे इज़हार करना तो है
गुलिस्ता-ए-इश्क़ अपना सवरना तो है
तुमसे कुछ कहना तो है मगर
धड़कने तेज हो जाती है
इश्क़ की धुन सुनती है |
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