कौन हो नूरे-जिगर
March 27, 2008 at 5:24 am (कौन हो नूरे-जिगर)
Tags: Blogroll, dreams, geet, hindi poem, kaun ho, kavita, khwab, mehek, mehhekk, nazm, noore-jigar, palash, pyar, pyas, samandar, shayari, sher
कौन हो नूरे-जिगर कोई मोह्पाश हो
दहकते दिल में खिला प्यार पलाश हो |
खीची चली आती हूँ उसी मकाम पर
मुश्किल से मिलती वो बूँद आस हो |
शाहे-समंदर कब का रीता हो चुका
बुझती ही नही कभी अजीब प्यास हो |
तुमसे दूर जाउँ ये ख़याल सितम ढाए
जिस में जकड़ना चाहूं एसे बन्द्पाश हो |
जमाने से छुपाना और जताना भी है
नवाजिश करूँ सब से हसीन राज हो |
परदा उठाओ अब,के बेसब्र दिल हुआ
या पलकों में सजता बस ख्वाब हो. |



