तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए
January 14, 2008 at 6:26 am (तकदीर के फ़ैसले)
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तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए
कबुल कर उन्हे सराखों पर लिये है |
ये दर्द छलक कही नासूर ना बन जाए
जख्म इस टूटे जिगर के सारे सिये है |
ये सोचकर कही प्यासे ना मर जाए
जाम जहर के हमने हंस कर पिये है |
जुदा होकर भी ,तेरी खुशिया ही चाही
दुनिया की रस्मे रिवाज़ अदा किये है |
तुमने मोहोब्बत से कुछ पल ही चुराए
ज़िंदगी के पूरे लम्हे उसे हमने दिए है |



