आई है बसंत बहार
January 17, 2008 at 4:08 am (बसंत बहार)
Tags: बसंत बहार, basant, Blogroll, geet, gulmohar, hindi poem, jhule, kavita, kohra, koyal, malhar, mausam, mehek, mehhekk, nagame, nazm, shayari, sher

आई है बसंत बहार
सर्द हवाए सुस्ताने लगी
कोहरा भी धुआँ धुआँ
कनक सी कीरने जाल बुनती
कोयल गात नीत राग मल्हार
के अब आई है बसंत बहार |
हर शाख पत्तियो से सजी
बेल हरियाली लहराने लगी
गुलमोहर का चमन खिला
कोयल गात नीत राग मल्हार
के अब आई है बसंत बहार |
झूलो की लंबी कतार
चहेरे पर हँसी फुहार
सखियो संग नचू मनसे
कोयल गात नीत राग मल्हार
के अब आई है बसंत बहार |
फुलो की महक छाई
समीरा मंद मंद बहे
पिहु की पाती लाए
कोयल गात नीत राग मल्हार
के अब आई है बसंत बहार |



