kamal ke phool

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कनक सी रवि किरनो से
पवन मखमली एहसास तले
मनमोहक झरना निर्मल सा
हरे पन्नो के बीच में
दो  कमल के फूल खिले
शामाल श्वेत रंग परिधान कर
बहते पानी के संग चले
एक बार भी नही हटी नज़र
नही भूले वो अपनी डगर
चलते रहे एक दूसरे की और
पाने को अपनी मंज़िल
जहाँ दो खूबसूरत दिल मिले
देखो ना,उन हरे पन्नो में
दो कमल के फूल खिले.

4 टिप्पणियाँ

  1. Rewa said,

    फ़रवरी 15, 2008 at 2:06 पूर्वाह्न

    चलते रहे एक दूसरे की और
    पाने को अपनी मंज़िल
    जहाँ दो खूबसूरत दिल मिले
    देखो ना,उन हरे पन्नो में
    दो कमल के फूल खिले.

    Bahut khoob….you know wat….My father’s name is Kamal Deo…so i like this flower v much…🙂

  2. mehhekk said,

    फ़रवरी 16, 2008 at 5:04 पूर्वाह्न

    thats nice rews,ur daddys name is kamal deo,hamara namaste kehna unse.thank a lot for reading so many posts dear friend.

  3. rahul said,

    मार्च 23, 2010 at 8:35 पूर्वाह्न

    some love one some love two but i love one who is you

  4. kasid said,

    जनवरी 19, 2011 at 12:08 अपराह्न

    I like this flower


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