dulari kali

एक नन्ही दुलारी कली
जन्म लेकर कितनी खुशियाँ लाए
कहते है साथ उसके लक्ष्मी आए
वो अपने आप में ही है हर देवी का रूप
उसे पाकर ना जाने मैने कितने आशीर्वाद पाए
तमन्ना रखती हूँ ,वो फुलो सी खिले
इस से पहले की वो अपने भंवर से मिले
उसके संग मैं अनुभव करना चाहू
मेरा बचपन,वो अनमोल क्षण
जब कभी मेरी आँखें लगे भरी भरी
मेरी ही मा बन,मुझ पे ममता लूटाती सारी
वो ही मुस्कान और हिम्मत मेरी
एक नन्ही दुलारी कली
ईश्वर से मुझे तोहफे में मिली.

5 टिप्पणियाँ

  1. Rewa Smriti said,

    मार्च 15, 2008 at 8:14 पूर्वाह्न

    Beautiful poem for nanhi kali!

    Who is this nanhi kali?🙂

  2. mehhekk said,

    मार्च 15, 2008 at 12:44 अपराह्न

    shukriya rews,ye kali to duniya ke har maa ki nanhi betiya hai;)

  3. Rewa Smriti said,

    मार्च 15, 2008 at 6:53 अपराह्न

    Haan….main wahi janna chah rahi thee ki aapki nanhi kali ka name kya hai?

    shukriya.

  4. mehek said,

    मार्च 15, 2008 at 7:12 अपराह्न

    aare rews abhi unka janam nahi hua hai,yeh bas man ki kalpana hai.

  5. Rewa Smriti said,

    मार्च 16, 2008 at 6:15 पूर्वाह्न

    hehehehe…..sorryyyy…..🙂


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