saathi re

साथी रे

मेरे हम सफ़र,मेरे हम कदम
जब तेरा साथ हे यहाँ
मेरे सनम,तुमसे ही हे
खूबसूरत मेरा ये जहाँ
सपनोसे सजीला हो अपना आशियाँ
प्यार से भरी हो तेरी मेरी ये दुनिया
अगर कभी आए कोई तूफान
मिलकर करेंगे हम सामना
कभी ना बिछड़े अपना साथ
दिल में लिए ये कामना
चलती रहूंगी संग तेरे में
ज़िंदगी की ये अनगिनत राहे
चाहूं बस अब इतना ही
साथी रे तू भी ये कसम निभाए.

2 टिप्पणियाँ

  1. Rewa said,

    फ़रवरी 18, 2008 at 3:00 पूर्वाह्न

    Kasme wade nibhayenge ham…. – sabhi kahte hen per bhul bhi jate hen.

  2. मार्च 19, 2012 at 2:32 पूर्वाह्न

    jagi jyas koni nahi tyas deo aahe

    tochi deil chara aani nivara


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