yadoon ke rang

कुछ पल जिंदगी के होते है कितने अच्छे
मुलायम और मासूम से
कभी हम अंजाने ही मूड जाते उन राहों पर
निहारने उन लम्हों को
जो सजे थे प्यार से
नही जानती,क्या यादों का रंग है सुनहरा
पर यादों से मेरा रिश्ता है मीठा गहरा
आसमान से लेकर नीलाई
और इंद्रधनु से सारे रंग
किरानो से चुरा कर लाली
और श्वेत फूलों के संग
चाहती हूँ उन लम्हों का एक चित्र बनाना
चाहती हूँ उन लम्हों में फिर से जीना
चाहती हूँ यादों के रंग में आज फिर रंग जाना..

1 टिप्पणी

  1. Rewa said,

    फ़रवरी 18, 2008 at 2:38 पूर्वाह्न

    चाहती हूँ उन लम्हों का एक चित्र बनाना
    चाहती हूँ उन लम्हों में फिर से जीना
    चाहती हूँ यादों के रंग में आज फिर रंग जाना….

    Bahut sahi likha hai! Janti hon, ye yaaden kisi dilo jaanam ke chale jane ke baad yaad aati hai! I miss my grandmaa so much. I still cry for her.😦


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: