उठो उठो गोपाला

उठो उठो गोपाला

पूरब में अरुण रथ आया ,लेकर किरनो का उजाला
भोर हुई अब , उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला |

जाग उठी है धरती सारी,जाग उठा चौपाला
जागो तुम भी , उठो उठो गोपाला,मेरे नंदलला |

दूध की नदी बहे , जागी है गौशाला
बाट देखे गौमता,उठो उठो गोपाला,मेरे नंदलला |

यशोदा मैय्या बनाए ,दही मक्खन का काला
ढूँढ रही तुझे,उठो उठो गोपाला, मेरे नंदलला |

हाथों में मेरी पूजा थाल सजी और जपमाला
दर्शन दे अब ,उठो उठो गोपाला,मेरे नंदलला |

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