वही पलाश के फूल लाना तुम

वही पलाश के फूल लाना तुम

चले जो कभी लहराती हवाये 
काया को मृदुसी छुकर  जाये
हमारी छुअन का आभास कराये
हमारी याद दिल को सताए
बिन बुलाये पास चले आना तुम
जो हमारे प्यार के गवाह सदा  है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो बहारों का मौसम आये
रंगो से सारी अवनी सज जाये
हमारी ख़ुशबू का आभास जताए
हमसे मिलन को तरसाए
याद कर हमे यूही मुस्कुराना तुम
जो हमारे साथ महके सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो पुकारे बेसुद घटाए
प्यार की बुन्दो को बरसाए
हमारी बाहो का आभास कराए
हमारी तन्हाई और बढ़ाए
प्यार की सुरीली मेहफ़ील सजाना तुम
जो हमारे संग गाते सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो नभ पर चाँद आये
अपनी शीतल चाँदनी बिखराये
हमारे अक्स का आभास कराए
हमे देखने जिया मचल जाये
पलको में अपनी हमे बसाना तुम
जो हमारे साथ रौशन सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

2 टिप्पणियाँ

  1. जनवरी 6, 2008 at 7:59 अपराह्न

    “चले जो कभी लहराती हवाये
    काया को मृदुसी छुकर जाये
    हमारी छुअन का आभास कराये
    हमारी याद दिल को सताए
    बिन बुलाये पास चले आना तुम
    जो हमारे प्यार के गवाह सदा है
    साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |”

    अभिलाषा क्या है स्वीकृति किसकी चाहिए
    मन अपने ही किसी गगन में उड़ता है…

  2. Rewa said,

    जनवरी 28, 2008 at 8:44 पूर्वाह्न

    Nice one…

    hey mehek…jahan bhi main palas ka name dekhti hun wahan main turat click karti hun…bcos I just love this flower since my childhood. Aur log to yeh kahte hen ki mere bf ka name palas hoga thats y i run behind it or mujhe iske liye pagal smajhte hen. hehehhe😛


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