तेरी याद में

तेरी याद में
कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी
नींद से कोसो दूर वो रात भी जागी साथ हमारे
गमजुदाई में तेरी डूबे थे इस कदर क्या कहें
उलफतदिल उलझा रहा और चुन गयी दीवारे
तुझ से मिलना बहुत हो गया मुश्किल हमदम
मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे
अब तलक ताज़ा  है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |

16 टिप्पणियाँ

  1. Rewa Smriti said,

    अप्रैल 7, 2008 at 5:24 अपराह्न

    मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे

    bachpan mein jab tare tootne ki baat hoti thee to ham sab bhai bahan aankhen band kar wish mangte the!🙂

  2. alpana said,

    अप्रैल 7, 2008 at 6:01 अपराह्न

    तुझ से मिलना बहुत हो गया मुश्किल हमदम
    मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे

    bahut sundar likha hai mahak–

  3. mehhekk said,

    अप्रैल 7, 2008 at 6:04 अपराह्न

    rews shukran,yes in childhood we also used to wish at falling star:)

  4. mehhekk said,

    अप्रैल 7, 2008 at 6:06 अपराह्न

    alpana ji tahe dil se aabhari hun.

  5. abrar ahmad said,

    अप्रैल 7, 2008 at 6:17 अपराह्न

    बिरह की वेदना को जिस अंदाज से बयां किया गया है काबिले तारीफ है। आपकी कल्पना शक्ति की दाद देता हूं। अच्छी रचना के लिए बधाई।

  6. अप्रैल 8, 2008 at 1:22 पूर्वाह्न

    बहुत बधाई बढ़िया रचना के लिये.

  7. anurag arya said,

    अप्रैल 8, 2008 at 5:43 पूर्वाह्न

    कितनी करवटें बदली,कितनी सिलवटें बिखरी

    कुछ पंक्तिया बहुत सुंदर बनी है ….आपके दिल को बयान करती है….

    मुलाकात की ख्वाहिश पूरी करने टूटे लाखों सितारे
    vah …

  8. mehhekk said,

    अप्रैल 8, 2008 at 6:42 पूर्वाह्न

    abrar ji,samir lal ji ,anurag ji ap sabhi ka bahut shukrana

  9. Kush said,

    अप्रैल 8, 2008 at 8:09 पूर्वाह्न

    अब तलक ताज़ा है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
    तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |

    bahut aachhe… bahut hi badhiya bhav

  10. Tarun said,

    अप्रैल 9, 2008 at 1:34 पूर्वाह्न

    अब तलक ताज़ा है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
    तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |

    zindagi ke liye bas itna hi kaafi hai …

    yeh ansoo bhi unke hai ..jo saath hai mere har pal ..
    beautiful emotions.

    -tarun

  11. mehek said,

    अप्रैल 9, 2008 at 7:24 पूर्वाह्न

    kush ji,tarun ji bahut shukrana aap ka.

  12. अप्रैल 10, 2008 at 4:51 अपराह्न

    अब तलक ताज़ा है वो आँसू जो निकाला तेरी याद में
    तुझ बिन हर सुना लम्हा कट जाता है उसके सहारे |
    वाह बहुत खूब

  13. mehek said said,

    नवम्बर 23, 2008 at 11:32 पूर्वाह्न

    waoooooooo mahak achha likhti ho aap

  14. naaaz saifi said,

    नवम्बर 23, 2008 at 11:36 पूर्वाह्न

    sunee sunee ankho me sapne saajalo tum …dil ki har dadhkan me humko baasa lo tum ,,,,, hiiiii mehek aap bahut hi achha likhti ho

  15. ravi rai said,

    अक्टूबर 27, 2009 at 10:31 पूर्वाह्न

    kya likh diya apne mast

  16. Suresh C.Mehta said,

    अगस्त 2, 2015 at 5:13 अपराह्न

    Kavita me bahut kasis hai.Bhav aour Bhavan bahut sunder hai.Bahu hi Achhi lagi. aapaki kavita ke liye mere pas shabd nahi hai


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