समान विषमता

समान   विषमता 

बापू और अम्मा का छोटा परिवार
एक बेटी एक बिटवा दो ही बच्चे हमार
कहते है सबसे दोनो को खूब पढ़ाएँगे
उँचे ओहोदे पर, दोनो को बिठाएँगे
बेटी क्या बेटा क्या हम को है समान
हमारे दो  लाड़ले है इसका प्रमाण
सुन ओ ताया,सनरी ओ ताई
मुन्नी, बबुआ है जुड़वा बहेन भाई. |

बाज़ार से बापू जब लौटकर आए
साथ में ढेर सारे खिलौने लाए
बबुआ को अपने पास बुलाया
हाथों में उसके एक गुलेल थमाया
पीछे से मुन्नी की आवाज़ आई
बापू एक गुलेल  हमका भी चाही
ये खेल हम भी खेलत है अच्छा
बबुआ से हमार नीशाना है पक्का
नही  ये है लड़कन का खेल
तू लड़की देख तेरे लिए गुड़िया है लाई
मुन्नी, बबुआ है जुड़वा बहन भाई. |

घर में अचानक आए मेहमान
चल रे मुन्नी हाथ बटा बहुत पड़ा काम
बनानी रसोई,दिया क्या सुनाई
अम्मा मुन्नी पर ज़ोर से चीलाई
दौड़ दौड़ के मुन्नी जल्दी से आई
बबुआ को संग बुला अम्मा काम जल्दी निबट जाई
परीक्षा चल रही उसको करने दे अभ्यास
अव्वल नंबर लाने उसको करना है सराव
कल गणित का पर्चा मेरा ,फूटी मुन्नी की रुलाई
मेरी भी तो अम्मा रही अधूरी पढ़ाई
मुन्नी,बबुआ जुड़वा बहेन भाई. |

सोचती मुन्नी कैसे है ये आधुनिक विचार
अपनो से पाया उसने दोगला व्यवहार
समानता का बस उपर उपर का कहलावा
आधुनिकी करण का कैसा ये दिखावा ?
हम पर कित्ते बंधन,बबुआ को क्यूँ है छूट
नन्हा सा मन अपनो से गया रूठ
लाडली हूँ घर की,फिर भी बोलत हो पराई
ये समान विषमता घर में हर बेटी ने पाई
मुन्नी ,बबुआ जुड़वा बहेन भाई. |

13 टिप्पणियाँ

  1. anurag arya said,

    अप्रैल 11, 2008 at 6:07 पूर्वाह्न

    khari bat…..kahne ka andaj juda hai……

  2. rasprabha said,

    अप्रैल 11, 2008 at 6:15 पूर्वाह्न

    ये अंतर कभी नहीं मिटेगा महक जी ,
    इस अंतर के दर्द को बहुत बारीकी से प्रस्तुत किया,
    मन पर गहरा प्रभाव डाला है आपने………

  3. ila said,

    अप्रैल 11, 2008 at 6:58 पूर्वाह्न

    अच्छा प्रयास महक ! धीरे धीरे ये अन्तर ज़रूर मिटेगा, हां गांवों में मुश्किल लगता है.

  4. shubhashishpandey said,

    अप्रैल 11, 2008 at 9:00 पूर्वाह्न

    Sunder rachna, samaj ke prati apne kartavyo ke liye ek kavi hriday ka ye vo ehsas hai jo auro ko bhi unke kartvo ka ehsas karata hai.
    jaisa ki kahte hain raat lambi ho sakti hai par khtam to use bhi hona hota hai , aaj nahin to kal badlega jarur, jarurat hai to bas har kisi ko apni jimmedari nibhane ki ,
    sunder abhivyakti

  5. mehhekk said,

    अप्रैल 11, 2008 at 11:34 पूर्वाह्न

    anurag ji,rashmi ji,ilaji,shubhashiji bahut bahut shukrana,ye saman vishamata badle gi ya nahi hame nahi pata,shayad badlegi,magar aur kitni sadiya lage,shayad kahi badal bhi gayi hogi uska gyan nahi,

  6. अप्रैल 11, 2008 at 4:07 अपराह्न

    बहुत भावपूर्ण रचना
    दीपक भारतदीप

  7. अप्रैल 11, 2008 at 4:34 अपराह्न

    महक बहुत ही सुन्दर रचना ओर आज का सच *सोचती मुन्नी कैसे है ये आधुनिक विचार
    अपनो से पाया उसने दोगला व्यवहार

  8. menka said,

    अप्रैल 11, 2008 at 8:17 अपराह्न

    कविता बहुत अच्छी है| मुझे तो लगता है जो भी कहते है की हमारे लिए लडके लड़की मे कोई फरक नही है उनके मन के किसी कोने मे ये बात जरुर रहती है की “है…फरक तो है ही” but I appreciate your feelings.

  9. Rewa Smriti said,

    अप्रैल 12, 2008 at 7:04 पूर्वाह्न

    पीछे से मुन्नी की आवाज़ आई
    बापू एक गुलेल हमका भी चाही
    ये खेल हम भी खेलत है अच्छा
    बबुआ से हमार नीशाना है पक्का

    kitna bhavpurn hai beti ka yeh request! You know mehek dadimaa used to call me by this name.

  10. mehhekk said,

    अप्रैल 12, 2008 at 11:48 पूर्वाह्न

    deepak ji,raj ji shukran

    menkaji,shukran sahi kaha,man ke andar kahi to hota hi hai,beti hai ye.

    rews thank u,to aap apni dadi maa ki ladli si munni hai,nice:);)

  11. kmuskan said,

    अप्रैल 12, 2008 at 12:22 अपराह्न

    बहुत सुंदर रचना है और आज के आधुिनक जीवन पर िबलकुल िफट बैठती है। हम िजतना आगे की ओर बढ रहे है उतना ही हमारे समाज का दोगलापन भी बढ रहा है।

  12. anuj soni said,

    सितम्बर 27, 2008 at 5:29 पूर्वाह्न

    esi laino se dil se ek kasak uthi hai ki He bethi tu kahe aayi tu es sansar main aur aage kuchha nahi kah sakta

  13. Lizie said,

    मई 26, 2009 at 3:12 अपराह्न

    a lovely poem, quite impressive , has a good moral
    based on reality


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: