कायनात झुक जाएगी

कायनात झुक जाएगी

हबीब-ए-सुलताना तेरा अक्स देखा था पानी में
ऐसा हुस्न-ए-माहताब पहेले न देखा ज़िंदगानी में |

सितारों की चुनर ओढ़ जो निकलेगी हूर-ए-जन्नत
कायनात झुक जाएगी छूने लब-ओ-गुल रवानी में |

मल्लिका-ए-दीदार-ओ-दिल नामुमकिन है यहा
शब-ओ-महक छोड़े वो अपनी कदम-ए-निशानी में |

जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |

15 टिप्पणियाँ

  1. mamta said,

    अप्रैल 14, 2008 at 4:11 पूर्वाह्न

    वाह ! वाह !
    आज तो इरशाद कहने का मन हो रहा है।

  2. अप्रैल 14, 2008 at 6:33 पूर्वाह्न

    जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
    रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |

    ———————————–
    क्या बात है, मजा आ गया
    दीपक भारतदीप

  3. Rewa Smriti said,

    अप्रैल 14, 2008 at 7:34 पूर्वाह्न

    जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
    रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |

    bahut khoob.

  4. parulk said,

    अप्रैल 14, 2008 at 8:14 पूर्वाह्न

    waah..bahut badhiyaa dear

  5. shubhashishpandey said,

    अप्रैल 14, 2008 at 8:35 पूर्वाह्न

    wah kya baat hai, aap ki to urdu bhi bahut zabardast hai

  6. mehhekk said,

    अप्रैल 14, 2008 at 3:27 अपराह्न

    mamta ji,deepakji,rews,parul ji,shubhashish ji aap sbhi ka tahe dil se shukran

  7. anurag arya said,

    अप्रैल 15, 2008 at 5:18 पूर्वाह्न

    जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
    रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |

    bahut badhiya…..mohtarma…..

  8. mehhekk said,

    अप्रैल 15, 2008 at 8:31 पूर्वाह्न

    anurag ji shukran

  9. अप्रैल 15, 2008 at 8:48 पूर्वाह्न

    बहुत खूब!! क्या बात है!!

  10. अप्रैल 15, 2008 at 3:11 अपराह्न

    बहुत खूब, ग़ज़ल हो तो ऐसी !

  11. mehhekk said,

    अप्रैल 15, 2008 at 5:32 अपराह्न

    samir ji,prabhat ji thank u so much.

  12. अप्रैल 15, 2008 at 7:32 अपराह्न

    जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
    रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |

    बहुत खूब

  13. menka said,

    अप्रैल 16, 2008 at 1:59 पूर्वाह्न

    achhi shayari hai…keep it up.

  14. mehhekk said,

    अप्रैल 16, 2008 at 5:37 पूर्वाह्न

    vikramji,menka ji bahut shukrana

  15. जून 5, 2008 at 4:26 अपराह्न

    subhsnalla
    i like very much this funny
    so plz send this type massage on my site
    m.minnatullah@yahoo.com
    ok by


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