न जाने क्यों

 जाने क्यों

वो ये कैसे सोच लेता है के
उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है
साथ होकर भी तरन्नुमखामोशी का साज़
हमे हरदम नागवारा लगता है
कहेने को बीच में अनगिनत बातें राह देखती
वो बस कभी आसमान  को कभी हमे तकता है
हालातआलम बदलते नज़र नही आते
छेड़ो ना वही आलाप जो रूह में बसता है
 जाने क्यूँ डरती हूँ तुमसे आशिक़ –हयात
अनकहा सा ये लम्हा रेत सा फिसलता है |

17 टिप्पणियाँ

  1. मई 2, 2008 at 5:44 अपराह्न

    कहेने को बीच में अनगिनत बातें राह देखती
    वो बस कभी आसमान को कभी हमे तकता है

    बढ़िया है.

  2. मई 2, 2008 at 6:32 अपराह्न

    वो ये कैसे सोच लेता है के
    उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है

    न जाने क्यूँ डरती हूँ तुमसे आशिक़ -ए-हयात
    अनकहा सा ये लम्हा रेत सा फिसलता है |

    भावनओ को खूबसूरत अलफजों मे पिरो कर लिखी गई सुन्र्दर रचना

  3. मई 2, 2008 at 6:35 अपराह्न

    वो ये कैसे सोच लेता है के
    उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है

    न जाने क्यूँ डरती हूँ तुमसे आशिक़ -ए-हयात
    अनकहा सा ये लम्हा रेत सा फिसलता है |

    भावनओ को खूबसूरत अलफाजों मे पिरो कर लिखी गई सुन्र्दर रचना

  4. मई 2, 2008 at 8:17 अपराह्न

    महक क्या बात हे अब किस शेर की तरीफ़ करु किसे छोडू, सभी एक से बढ कर एक हे

  5. मई 3, 2008 at 4:00 पूर्वाह्न

    आप तो महकजी, हिन्दी फिल्मों के गीत बहुत अच्छे लिख सकती हैं!

  6. mehhekk said,

    मई 3, 2008 at 4:09 पूर्वाह्न

    samir ji,vikram ji,raj ji,vijay ji aap sabhi ka shukarana

    :):) film mein geet likhene ke liye hame apna pesha chodna hoga,hamare marizo ka kya hoga phir:);)aap sab ka sneh yu hi bana rahe.

  7. ramadwivedi said,

    मई 3, 2008 at 9:15 पूर्वाह्न

    भाव अच्छे हैं…..लिखना कभी न छोड़ें….

  8. Rewa Smriti said,

    मई 3, 2008 at 9:24 पूर्वाह्न

    वो ये कैसे सोच लेता है के
    उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है
    साथ होकर भी तरन्नुम-ए-खामोशी का साज़
    हमे हरदम नागवारा लगता है

    Beautiful dear! Kuch mere taraf se aapke liye-
    Yeh jajbaton ki duniya hai
    thora sambhalkar kadam badhata hai🙂

    rgds.

  9. mehek said,

    मई 3, 2008 at 3:29 अपराह्न

    rama ji,rews,muskan tahe dil se shukrana

  10. rakhshanda said,

    मई 4, 2008 at 5:10 पूर्वाह्न

    वो ये कैसे सोच लेता है के
    उसके हर जज़्बात हमारा दिल समझता है
    साथ होकर भी तरन्नुम-ए-खामोशी का साज़
    हमे हरदम नागवारा लगता है

    बहुत खूबसूरत…दिल को छू गई आपकी नज्म….

    उर्दू के इन खूबसूरत लफ्जों ने जैसे मोती से सजाने का काम किया है…

    न जाने क्यूँ डरती हूँ तुमसे आशिक़ -ए-हयात
    अनकहा सा ये लम्हा रेत सा फिसलता है |

    बहुत खूबसूरत

  11. vickyjagtap said,

    मई 5, 2008 at 5:05 पूर्वाह्न

    कविता तुमची खरच सुन्दर आहे.
    मी जरा उर्दू मधे कच्चा आहे पण कवितेचा गाभार्थ भावला
    बहुतेक तुमचा आशिक़ -ए-हयात हा विचार करत असेल

    सखे मला बोलता येत नाही
    पण तूच ओळख माझ्या मनातल
    प्रेमाला भाषा नसते अस म्हणतात
    नजरेनच उलगडायच असत कोड मनामनातल

  12. mehhekk said,

    मई 5, 2008 at 5:30 पूर्वाह्न

    rakshanda ji tahe dil se shukrana

    vicky ji aapka bhi shukrana
    mala suddha urdu khup nahi yet,thoda shikle aata,
    aare wah majhya aashiq-e-hayat che man tumhi khup olakhlet
    premalabhasha naste he khara pan kadhi kadhi nazarene ulgadayach koda sutatch nahi,kahi shabdanchi saath hawi.dhanyawad ya sundar mutktaka baddal.

  13. Rohit Jain said,

    मई 6, 2008 at 6:24 पूर्वाह्न

    कहेने को बीच में अनगिनत बातें राह देखती
    वो बस कभी आसमान को कभी हमे तकता है

    बहुत खूबसूरत

  14. मई 7, 2008 at 3:11 पूर्वाह्न

    क्या बात है। बहुत खूबसूरत शब्दों में भाव नजर आ रहे हैं।

  15. Tanu Shree said,

    मई 9, 2008 at 5:41 अपराह्न

    beautiful mehekk…kuch baatein jo mere dil me bhi thi wo mujhe yahan kuch panktiyon me dikh gayiii..so this one is very close to me

  16. Amit said,

    मई 11, 2008 at 9:56 अपराह्न

    bahut khub..!!!!


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: