मोहोब्बत की वादियों में

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मोहोब्बत की वादियों में
तेरे साथ चलते हुए सफ़र आसान है
सोचती हूँ हम दोनो दिल से जुड़े 
अलग पहचान कहा हमारी
ना जाने अचानक तुम
कहा गुम होते हो
हमारे साथ होकर भी तन्हाई
खोजते हो ……..
ऐसा क्यों .? हमे बताओगे
इसका जवाब दे पाओगे ….

10 टिप्पणियाँ

  1. ranju said,

    जुलाई 6, 2008 at 5:21 पूर्वाह्न

    हमारे साथ होकर भी तन्हाई
    खोजते हो ……..ऐसा क्यों .? हमे बताओगे
    इसका जवाब दे पाओगे ….

    सुंदर लिखा है यह आपने

  2. Dr Anurag said,

    जुलाई 6, 2008 at 5:54 पूर्वाह्न

    होता है कभी कभी…..

  3. जुलाई 6, 2008 at 7:15 पूर्वाह्न

    बहुत सुन्दर

  4. जुलाई 6, 2008 at 2:45 अपराह्न

    आपकी कविता बहुत अच्छी लगी। इस पर मेरा मन ने भी कुछ कहा उसे लिख लिया।
    दीपक भारतदीप
    ………………………………..
    मोहब्बत मेंं साथ चलते हुए
    सफर हो जाते आसान
    नहीं होता पांव में पड़े
    छालों के दर्द का भान
    पर समय भी होता है बलवान
    दिल के मचे तूफानों का
    कौन पता लगा सकता है
    जो वहां रखी हमदर्द की तस्वीर भी
    उड़ा ले जाते हैं
    खाली पड़ी जगह पर जवाब नहीं होते
    जो सवालों को दिये जायें
    वहां रह जाते बस, जख्मों के निशान

  5. rohit said,

    जुलाई 6, 2008 at 5:54 अपराह्न

    Mehak
    Err Waah Kia Khub Likha Hai
    हमारे साथ होकर भी तन्हाई
    खोजते हो ……..ऐसा क्यों .?
    ….
    Jawab Nahi Hoga to dega kaha se yaar,
    Yaa Sochta Hoga ki Me Mohbaat ki Wadio me hu
    Kahi yeh sapna to nahi…
    Jo Saath me Hai Saathi Mere,
    Yeh Kahi Khwab To Nahi
    Sochta hu me bhi ki kuch Kahu
    Per Kiya Kahu, Kasie Kahu
    Yeh Alfaz Jannta hi nahi.
    Ya Alfaz Milte hi nahi
    Milte Hai To Kho Jaate Hai Kahi
    Akhir Kahu Kasie, Yahi Sochta Hu
    Saath Humsafar hai mere
    Sochta Hu kahi Khawab to nahi…

    Koshis Ki hai Jawab Dene ki !!!!!!!LoL!!!!hehehehehr!

    Rohit

  6. rakhshanda said,

    जुलाई 7, 2008 at 6:46 पूर्वाह्न

    हमारे साथ होकर भी तन्हाई
    खोजते हो ……..ऐसा क्यों .?

    ये सवाल जितना आसन है इसका जवाब उतना ही मुश्किल…बहुत सुंदर…

  7. meenakshi said,

    जुलाई 7, 2008 at 12:20 अपराह्न

    यही इंसानी फितरत है…

  8. rajesh said,

    जुलाई 7, 2008 at 3:21 अपराह्न

    dil ki baat par jawab dena mushkil

  9. doobeyji said,

    जुलाई 7, 2008 at 3:22 अपराह्न

    dil ki baat par jawab dena mushkil hai

  10. raj said,

    अगस्त 19, 2008 at 12:35 अपराह्न

    mohabbat zamaane ki pehchaan hai,
    anjano mein ek naya mehmaan hai.

    …………..Laakh bahane karo phir bhi ek armaan hai.


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