वो गुजरा बचपन वो बारिश

कितना सुहाना था वो साथ बचपन  

यादों की मुट्ठी में बंद हमराज़ बचपन  

तुम जो थे हमसाया तब हमारे  

वो सखा हर बात बाटता , कभी समझाता  

कीचड़ बरसात का खेल ,तेरे कदम निशा पर चलना  

हमेशा रास आए हमे  

आज भी बूँद बूँद पानी में चलते हुए  

महसूस कर लेती हूँ वही आभास वही कशिश  

ढूँढती हूँ नज़दीक अपने बार बार  

गर कोई जादू हो मिल जाए वापस  

वो गुजरा बचपन वो बारिश…. वो गुजरा बचपन वो बारिश….

11 टिप्पणियाँ

  1. सितम्बर 4, 2008 at 2:14 पूर्वाह्न

    कितना सुहाना था वो साथ बचपन

    यादों की मुट्ठी में बंद हमराज़ बचपन

    तुम जो थे हमसाया तब हमारे

    वो सखा हर बात बाटता , कभी समझाता
    bahut sunder…Mahak jaari rakho

  2. mamta said,

    सितम्बर 4, 2008 at 3:25 पूर्वाह्न

    क्या बात है महक ! बहुत अच्छा।

    आखिरी लाईने नही पूरी रचना ही बहुत ही पसंद आई।अफ़सोस पर सच है कि बचपन दोबारा लौट कर नही आता है।

  3. ranju said,

    सितम्बर 4, 2008 at 4:08 पूर्वाह्न

    बचपन के दिन कौन भूल पाता है ..कहाँ थी इतने दिन ? अच्छी लगी आपकी यह रचना

  4. neeraj1950 said,

    सितम्बर 4, 2008 at 5:35 पूर्वाह्न

    वो कागज की कश्ती वो बारिश का पानी….
    बचपन की बारिश का बहुत अच्छा चित्र खींचा है आपने…
    नीरज

  5. Dr Anurag said,

    सितम्बर 4, 2008 at 6:07 पूर्वाह्न

    आज भी बूँद बूँद पानी में चलते हुए

    महसूस कर लेती हूँ वही आभास वही कशिश

    ढूँढती हूँ नज़दीक अपने बार बार

    गर कोई जादू हो मिल जाए वापस

    वो गुजरा बचपन वो बारिश…. वो गुजरा बचपन वो बारिश….

    कहाँ हो तुम ?इन दिनों ?कहाँ ?

  6. सितम्बर 4, 2008 at 8:05 पूर्वाह्न

    आपके पुन: आगमन से प्रसन्नता हुई!

  7. rasprabha said,

    सितम्बर 4, 2008 at 9:16 पूर्वाह्न

    wo kaagaz ki kashti wo baarish ka paani…….
    kaash mil jaye,aur wahi maasumiyat,phir se zindagi ko jiyen,bahut sundar
    mahak………..

  8. सितम्बर 4, 2008 at 1:46 अपराह्न

    बहुत उम्दा, क्या बात है!

  9. kmuskan said,

    सितम्बर 6, 2008 at 12:13 अपराह्न

    वो गुजरा बचपन वो बारिश…. वो गुजरा बचपन वो बारिश….

    bahut khubsurat….. kaash woh bachpan ek baar phir se lout aaye

  10. सितम्बर 6, 2008 at 5:11 अपराह्न

    aapne sachmuch bachpan ki yaad dila di mujhe

  11. Annapurna said,

    सितम्बर 7, 2008 at 3:40 पूर्वाह्न

    बहुत ख़ूब !


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