रात का आँचल

रात का आँचल

चाँद की चटाई

चाँदनी की चादर

हवाओं की थपकीयाँ

मा की लॉरी

पलकों में ख्वाब

नींद का पहरा

लम्हा क़ैद हो

और मैं कभी जागु ही ना

16 टिप्पणियाँ

  1. Rewa Smriti said,

    अक्टूबर 25, 2008 at 6:39 अपराह्न

    चाँद की चटाई

    चाँदनी की चादर

    हवाओं की थपकीयाँ

    मा की लॉरी

    Wah…lovely one! Isse jyada aur chahiye hi kya? Jise itna mil gaya smajho usne zindagi mein sabkuch pa liya. Zindagi…aur isse jyada kya chahiye?

  2. अक्टूबर 25, 2008 at 7:44 अपराह्न

    बहुत खूब/ सुख की नींद से भला कौन जागना चाहेगा/

  3. अक्टूबर 25, 2008 at 8:09 अपराह्न

    अरे वाह क्या शव्दो को पिरोये है आप ने , आप के लेख की महक आई तो नींद से उठना पडा, ओर देखा तो एक सुन्दर कविता मिली, धन्यवाद
    दीपावली की हार्दिक बधाईयाँ और शुभकामनाये !

  4. अक्टूबर 25, 2008 at 9:23 अपराह्न

    Bahut badiya.

  5. अक्टूबर 26, 2008 at 12:48 पूर्वाह्न

    वाह!! वाह!! बहुत खूब!

    आपको एवं आपके परिवार को दीपावली की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाऐं.

  6. shobha said,

    अक्टूबर 26, 2008 at 1:52 पूर्वाह्न

    wah! bahut sundar kalpana ki hai. deepawali ki shubh kamnayen.

  7. shobha said,

    अक्टूबर 26, 2008 at 2:02 पूर्वाह्न

    बहुत सुंदर लिखा है. दीपावली की शुभ कामनाएं.

  8. ranju said,

    अक्टूबर 26, 2008 at 3:20 पूर्वाह्न

    बहुत बढ़िया ..दीवाली की बधाई आपको

  9. विनय said,

    अक्टूबर 26, 2008 at 1:08 अपराह्न

    दीपावली की शुभकामनाएँ!

  10. mehek said,

    अक्टूबर 26, 2008 at 5:01 अपराह्न

    aap sabhi ko bhi diwali ki mubarak baat.

  11. अक्टूबर 28, 2008 at 4:17 पूर्वाह्न

    ये कैसा ब्लॉग है कि जिसमें किसी की टिप्पणी ही पढने में नहीं आरही हैं /रचना अच्छी है /चाँद की चटाई और चांदनी की चादर पर पुन विचार जरूरी है /

  12. Dharmveer Kumar said,

    अक्टूबर 30, 2008 at 5:46 पूर्वाह्न

    bahoot hi umda……..gulzarish touch liye hue.!!!

  13. prakash said,

    अक्टूबर 30, 2008 at 9:18 पूर्वाह्न

    bahot sundar bhav ,bahot hi khub ada kiya hai apne… dhero badhai…

    arsh

  14. नवम्बर 2, 2008 at 6:04 पूर्वाह्न

    pata nahee itanaa sundar-sahaj-saral- kaise likhaten hai aap
    badhaaiyaan

  15. नवम्बर 3, 2008 at 4:12 पूर्वाह्न

    अद्भुत प्रवाह से सयुंक्त गंभीर भावाभिव्यक्ति से ओतप्रोत रचना समय निकल कर मेरे ब्लॉग पर दस्तक दे

  16. Menka said,

    नवम्बर 3, 2008 at 9:28 पूर्वाह्न

    bahut hi badhuyaan hai..diwali ki subhkaamnaayein.


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: