हर पल का दिल मोहताज हुआ

अरसा बिता तुम्हे देखा नही
याद आए मगर तुम बहुत पल पल

आवाज़ देकर भी तुम क्यूँ नही आते ?
रूठने की कोई वजह तो हो

इंतज़ार किया था उस दिन तुम्हारा
शायद वक्त की अफरा तफरी हुयी
अब मिओगे जहा
ऐसी कोई जगह तो हो

एक क्षण में बदल जाती ज़िन्दगी
हर पल का दिल मोहताज हुआ
जो छुटा पल पीछे इंसान के हाथ से
वो फिर न कभी हमराह हुआ

14 टिप्पणियाँ

  1. paramjitbali said,

    दिसम्बर 7, 2008 at 4:41 अपराह्न

    बहुत भावपूर्ण रचना है।
    बहुत सुन्दर!!

    एक क्षण में बदल जाती ज़िन्दगी
    हर पल का दिल मोहताज हुआ
    जो छुटा पल पीछे इंसान के हाथ से
    वो फिर न कभी हमराह हुआ

  2. Shashwat said,

    दिसम्बर 7, 2008 at 5:09 अपराह्न

    “आवाज़ देकर भी तुम क्यूँ नही आते ?
    रूठने की कोई वजह तो हो ”

    कही ऐसा तो नही कि ये जनाब छुप रहे हैं और आपको रूठे हुए लग रहे हैं? [:)]

  3. vivek said,

    दिसम्बर 7, 2008 at 5:15 अपराह्न

    याद…आती ही क्यों हो…वो जाता ही क्यों है…याद आए मगर तुम पल पल…सुंदर

  4. विनय said,

    दिसम्बर 7, 2008 at 5:23 अपराह्न

    दर्द का रंग इतना गहरा है आपके दिल का पछतावा साफ़ दिखता है।

  5. bhootnath said,

    दिसम्बर 7, 2008 at 7:32 अपराह्न

    एक क्षण में बदल जाती ज़िन्दगी
    हर पल का दिल मोहताज हुआ
    जो छुटा पल पीछे इंसान के हाथ से
    वो फिर न कभी हमराह हुआ

    ……. वो क्या कहते हैं ना…..लौट कर कोई ना आया शाम तक….संग था मेरा ही साया शाम तक…….
    ………अच्छी…उम्दा रचना…..

  6. दिसम्बर 7, 2008 at 9:10 अपराह्न

    अरसा बिता तुम्हे देखा नही
    याद आए मगर तुम बहुत पल पल
    आवाज़ देकर भी तुम क्यूँ नही आते ?
    रूठने की कोई वजह तो हो
    बहुत ही सुंदर,सुंदर भाव.
    धन्यवाद

  7. VIVEK SINGH said,

    दिसम्बर 8, 2008 at 7:00 पूर्वाह्न

    ओ हो हो हो ! कमाल दी रचना !

  8. Dr Anurag said,

    दिसम्बर 8, 2008 at 2:16 अपराह्न

    कमाल है महक आज गायत्री जी ने भी इसी विषय पर गध में कुछ लिखा है….जीवन जैसे धरती की तरह घूमता है

  9. Ashoo said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 5:08 पूर्वाह्न

    एक क्षण में बदल जाती ज़िन्दगी
    हर पल का दिल मोहताज हुआ
    जो छुटा पल पीछे इंसान के हाथ से
    वो फिर न कभी हमराह हुआ

    Very Nice Mehek ji..beautiful thoughts and so true.

  10. rasprabha said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 6:13 पूर्वाह्न

    waakai…….har pal mohtaaj hai,bahut badhiyaa

  11. parul said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 7:13 पूर्वाह्न

    sundar bhaav..एक क्षण में बदल जाती ज़िन्दगी
    हर पल का दिल मोहताज हुआ

  12. rajesh said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 10:26 पूर्वाह्न

    bahut hi sundar rachna badhai

  13. rajesh said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 10:27 पूर्वाह्न

    wah wah bahut hi sundar rachna

  14. Rewa Smriti said,

    दिसम्बर 9, 2008 at 2:04 अपराह्न

    आवाज़ देकर भी तुम क्यूँ नही आते ?
    रूठने की कोई वजह तो हो

    Hmmm…vajah na hote huye bhi dhoondne se mil hi jati hai😉


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