तेरी याद में

Image and video hosting by TinyPic

शाख से पत्तों को गिरते देखा
तेरी याद में एक और दिन गुजरते देखा

कितनी अजीज हो तुम इस दिल से पूछो
आइना-ए-मन हर आहट पे सवरते देखा

सितारों जितने सारे इंतज़ार के लम्हात
रातों में उन्हें अक्सर टूट के बिखरते देखा

19 टिप्पणियाँ

  1. munhfat juyal said,

    मार्च 5, 2009 at 4:02 अपराह्न

    सितारों जितने सारे इंतज़ार के लम्हात
    रातों में उन्हें अक्सर टूट के बिखरते देखा
    ..वाह
    बहुत अच्छी पंक्तियां.
    बधाई.
    एक शेर याद आया-
    ये सुकूते-नाज, ये दिल की रगों का टूटना,
    खामुशी में कुछ शिकस्ते-साज की बातें करो.

  2. मार्च 5, 2009 at 8:07 अपराह्न

    सितारों जितने सारे इंतज़ार के लम्हात
    रातों में उन्हें अक्सर टूट के बिखरते देखा
    महक जी तीनो शेर बहुत ही सुंदर
    धन्यवाद

  3. विनय said,

    मार्च 6, 2009 at 3:29 पूर्वाह्न

    शाख से पत्तों को गिरते देखा
    तेरी याद में एक और दिन गुजरते देखा

    वाह जी बहुत लाजवाब पंक्तियाँ है!

  4. मार्च 6, 2009 at 5:55 पूर्वाह्न

    वाह, क्‍या बात है।

  5. मार्च 6, 2009 at 6:22 पूर्वाह्न

    सुन्दर कविता

  6. ranju said,

    मार्च 6, 2009 at 6:37 पूर्वाह्न

    तेरी याद में एक और दिन गुजरते देखा

    अच्छा लिखा है आपने महक

  7. rashmi prabha said,

    मार्च 6, 2009 at 7:11 पूर्वाह्न

    कितनी अजीज हो तुम इस दिल से पूछो
    आइना-ए-मन हर आहट पे सवरते देखा…..
    …. सच में अजीज की आहट पर मन हर बार संवारता है,
    बहुत सुन्दर…

  8. मार्च 6, 2009 at 8:23 पूर्वाह्न

    सितारों जितने सारे इंतज़ार के लम्हात
    रातों में उन्हें अक्सर टूट के बिखरते देखा
    खूबसूरत शेर……….अजनबी लम्हों को बांदने की कोशिश. गहरे एहसास से भरी

  9. alpana said,

    मार्च 6, 2009 at 8:27 अपराह्न

    कितनी अजीज हो तुम इस दिल से पूछो
    आइना-ए-मन हर आहट पे सवरते देखा

    waaah!!!!!!!!
    aaj to picture bhi gazab ki kagaayee hai Mahak!

    bahut achchey sher aur tasweer bhi!

  10. alpana said,

    मार्च 6, 2009 at 8:27 अपराह्न

    कितनी अजीज हो तुम इस दिल से पूछो
    आइना-ए-मन हर आहट पे सवरते देखा

    waaah!!!!!!!!
    aaj to picture bhi gazab ki lagaayee hai Mahak!

    bahut achchey sher aur tasweer bhi!

  11. Abhishek said,

    मार्च 7, 2009 at 4:37 पूर्वाह्न

    “शाख से पत्तों को गिरते देखा
    तेरी याद में एक और दिन गुजरते देखा”
    सुन्दर है !

  12. मार्च 10, 2009 at 8:51 पूर्वाह्न

    apni samvedna ko bachaye rakhna…
    yahi dua bhi hai…

  13. rohit said,

    मार्च 12, 2009 at 7:34 पूर्वाह्न

    OH kia baat hai, yaar ki yaad me ek or din gujar gaya…pade ke pato ka rupak kafi badia hai…..muze apni kafi purani kavita yad aa gai…….Mehak kafi dino baad aapak blog pada….Shyad aapko yaad ho…..
    Rohit

  14. piyush aggarwal said,

    मार्च 16, 2009 at 7:57 पूर्वाह्न

    aai jab jab b hame yad teri,apni dhadkan ko hamne machalte dekha
    tere aane ki jab mili na koi khabar,apne ashko me armano ko dhulte dekha.

    aap kafi achcha likhti h maine 1st time aapka blog visit kiya h iske sath kuch jodne ki koshish ki h aap jitna achcha tonahi likha

  15. Rewa Smriti said,

    मार्च 16, 2009 at 1:58 अपराह्न

    शाख से पत्तों को गिरते देखा
    तेरी याद में एक और दिन गुजरते देखा

    Bahut khub!

    Maine gujrate lamhon ko rokna chaha…
    kintu kabhi rukte nahi dekha hai!

  16. मार्च 18, 2009 at 4:07 पूर्वाह्न

    मैंने जाना है तेरी हर दस्तक को,
    क्योंकर भला यादों का सिलसिला रुक जाए।

  17. मार्च 27, 2009 at 1:39 अपराह्न

    यह भी बहुत उम्दा .बधाई .

  18. Bhawna Masiwal said,

    अप्रैल 5, 2010 at 1:49 अपराह्न

    aap ki shyari kabile tarif hai,dua hai humari ki aap isi trah kamyabi ki manjilo ki or aage badte rhe.

  19. riya said,

    नवम्बर 20, 2011 at 5:45 अपराह्न

    gul ne gulashan se gulfam bheja h
    Sitaron ne aasama se salam bheja h
    Mubarak ho aapko janam din
    Mene dil se tujhe ye pegam bheja h


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: