ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है

Image and video hosting by TinyPic

ये इश्क भी क्या क्या खता करवाता है
महबूब -ओ-दिल पे शक की सुइयां दिखाए

माना उनसा इमानदार न कोई कायनात में
वक़्त के साथ चलना उन्हें आता नहीं

मुलाकात की जगह हम मौजूद पहले से
राह चलते लोगों की सवालिया नज़र का क्या जवाब दे

ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा
पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे

मुस्कुराके आयेंगे जनाब बहानों का गुलदस्ता लिए हुए
ये भी याद नहीं पिछली बार यही बहाना था

वादा-ए-रस्म उन्हें निभाना आएगा भी या नहीं
या हम रूठना और वो मनाना इस खेल के नियम बनेगे

28 टिप्पणियाँ

  1. मार्च 8, 2009 at 7:04 पूर्वाह्न

    बहुत खूब, महक जी.
    आपकी हर नज़्म एक नया रंग लिए होती है.

  2. मार्च 8, 2009 at 8:13 पूर्वाह्न

    ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा…..बहुत सुन्दर

  3. मार्च 8, 2009 at 9:00 पूर्वाह्न

    बिखरे-बिखरे शेरों का ये गुलदस्ता भी एक मुकम्मल सी तस्वीर देता हुआ….
    ये आपका अलग सा अंदाज़ बड़ा ही प्यारा है
    इस शेर पर करोड़ों वाह-वाह मेरी ओर से “मुलाकात की जगह हम मौजूद पहले से
    राह चलते लोगों की सवालिया नज़र का क्या जवाब दे”

    होली की रंगमयी शुभकामनायें आपको

  4. neeshoo said,

    मार्च 8, 2009 at 10:31 पूर्वाह्न

    वादा-ए-रस्म उन्हें निभाना आएगा भी या नहीं
    या हम रूठना और वो मनाना इस खेल के नियम बनेगे

    बहुत बढ़िया प्रस्तुती आपकी । कल्पनायें भी गजब की हैं।…

  5. yogesh verma said,

    मार्च 8, 2009 at 10:40 पूर्वाह्न

    ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा
    पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे

    sunder mehek ji , holi ke rangeele tyauhar par shubh kaamnayen aurdheron badhai.

  6. मार्च 8, 2009 at 11:16 पूर्वाह्न

    वेसे रुठना ओर मनाना ….. अच्छा लगता है.
    बहुत ही सुंदर गजल कही आप ने
    धन्यवाद

    आपको और आपके परिवार को होली की रंग-बिरंगी भीगी भीगी बधाई।
    बुरा न मानो होली है। होली है जी होली है

  7. मार्च 8, 2009 at 11:16 पूर्वाह्न

    वेसे रुठना ओर मनाना ….. अच्छा लगता है.
    बहुत ही सुंदर गजल कही आप ने
    धन्यवाद

    आपको और आपके परिवार को होली की रंग-बिरंगी भीगी भीगी बधाई।
    बुरा न मानो होली है। होली है जी होली है

  8. मार्च 8, 2009 at 12:25 अपराह्न

    महक जी आपकी इस काव्यात्मक प्रस्तुति पर यह पंक्तिया कहने का जी चाहता है
    ……………………………
    इश्क एक इबादत होता
    गर उसमें खता और बेवफाई नहीं होती।
    पर उनके बिना नीयत की
    आजमायश भी कैसे होती।
    जब इश्म जुनून बन जाता है
    तब दुनियांदारी का इल्म नहीं होता
    पर महबूब के कदम चलना तो
    इस जमीन पर ही हैं
    जहां फूलों से खिला चमन भी होता
    जिसके साथ कांटों की भीड़ भी होती।
    ……………………………………………..
    आपकी प्रस्तुति पसंद आयी।
    दीपक भारतदीप

  9. rashmi prabha said,

    मार्च 8, 2009 at 2:10 अपराह्न

    मुलाकात की जगह हम मौजूद पहले से
    राह चलते लोगों की सवालिया नज़र का क्या जवाब दे…
    sach ye ishk bhi kya-kya n karwata hai,bahut khoobsurti se ishk ki khataaon ko bataya

  10. Tarun said,

    मार्च 9, 2009 at 1:40 पूर्वाह्न

    पर्चा वाला बड़ा जोरदार लगा, अगर ऐसा हो जाता तो हम सब जगह टॉप किये होते मगर अफसोस ये हो ना सका और अब ये आलम है नज्म में लिखी इन लाईनों को पढ़कर आपको होली की शुभकामनायें दिये जाते हैं।

  11. alpana said,

    मार्च 9, 2009 at 10:27 पूर्वाह्न

    ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा
    पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे

    waah mahak..kya baat hai..
    sundar sundar sher liye gulab ka phool ..

    bahut achcha likha hai..

  12. AAKASH RAJ said,

    मार्च 9, 2009 at 1:13 अपराह्न

    आपकी प्रस्तुति पसंद आयी। आपको होली की बहुत – बहुत बधाईयाँ ……………….

  13. विनय said,

    मार्च 9, 2009 at 2:49 अपराह्न

    होली की आपको और आपके परिवार में समस्त स्वजनों को हार्दिक शुभकामनाएँ

  14. मार्च 9, 2009 at 3:51 अपराह्न

    बेहतरीन शेर हैं सब के सब, हर शेर पर वाह वाह निकलता है, गहरे अर्थ होते हैं इन में
    आपको और आपके परिवार को होली की शुभ कामनाएं

  15. मार्च 10, 2009 at 2:30 पूर्वाह्न

    वाह! वाह!
    होली मुबारक हो!

  16. मार्च 10, 2009 at 1:59 अपराह्न

    बहुत ही सुंदर गजल कही आप ने
    धन्यवाद!होली की ढेर सारी शुभकामनायें….

  17. द्विजेन्द्र द्विज said,

    मार्च 11, 2009 at 10:40 पूर्वाह्न

    अच्छी रचना के लिये तथा बहुत-बहुत बधाई!!

    होली मुबारिक
    !!!!!

  18. द्विजेन्द्र द्विज said,

    मार्च 11, 2009 at 10:42 पूर्वाह्न

    अच्छी रचना के लिये तथा अच्छे कथ्य (इम्तहान) के लिये बहुत-बहुत बधाई!!

    होली मुबारिक
    !!!!!

  19. Rewa Smriti said,

    मार्च 11, 2009 at 10:57 पूर्वाह्न

    Bahut khub!

    Holi mubarak ho Mehek.

  20. मार्च 11, 2009 at 11:46 पूर्वाह्न

    होली की हार्दिक शुभकामनाएँ.

  21. hempandey said,

    मार्च 11, 2009 at 12:22 अपराह्न

    ‘ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा
    पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे’
    -लाजवाब.

  22. मार्च 11, 2009 at 1:33 अपराह्न

    पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे – इ कितना वंडरफुल है और कितना ब्यूटीफुल – आभार.

  23. Nishant.... said,

    मार्च 11, 2009 at 2:20 अपराह्न

    Mehek Ji…
    Ishq aur Dil tootne ke baad bhi ek ummid lagaye rahate hain… Shayad…
    Bahut sundar… Aur Kabil-e-Tarif rachna…
    Bilkul aapke naam ki tarah…

  24. मार्च 12, 2009 at 7:39 पूर्वाह्न

    बहुत खूब।

    होली की हार्दिक शुभकामनाऍं।

  25. rohit said,

    मार्च 12, 2009 at 7:56 पूर्वाह्न

    HI Mehak
    line kafi bdia hai….per kahi kahi shabdo alag se lag rahe hai….. sory me shyar to nahi, so shyari ka pata nahi….simple dil me uttre word, per kahi laga rasta bhatak rahe hai…

    या हम रूठना और वो मनाना इस खेल के नियम बनेगे
    yeh to sach hai. Ruthna or Manana Khel ke rule hai…badal gaye to kuch kho jayega…
    ….,,,mubark ho holi ..
    rohit

    ~~~~~~wasi hai kaun Jo Intne Bahne banata hai ki yaad hi nahi rahta !!lol!!! kabhi parichay karye..!!1lol~~~~~~~~

  26. Madhaw said,

    मार्च 12, 2009 at 6:09 अपराह्न

    संदेश पर आपके कमेंट ने मुझे आपके ब्लॉग तक पहुंचाया… और ये सौभाग्य है कि इस ब्लॉग तक आया… आप बहुत अच्छा लिखती हैं… और आपका ब्लॉग भी काफ़ी ख़ूबसूरत है…

  27. ---MUFLIS--- said,

    मार्च 13, 2009 at 1:08 अपराह्न

    ये कैसा इम्तेहान लेते वो हमारा
    पर्चा भी हम दे और जाच भी हम करे

    ek alag-si aur naye andaaz ki baat kahi
    hai aapne….lekhan achha aur prabhaavshali
    hai….badhaaee . . . .

  28. preeti tailor said,

    मार्च 19, 2009 at 10:14 पूर्वाह्न

    मुस्कुराके आयेंगे जनाब बहानों का गुलदस्ता लिए हुए
    ये भी याद नहीं पिछली बार यही बहाना था

    ye khatavar karte hai aashiq bhi aur ham unki khata maaf kiye jaate hai ..kyonki ye ishq hai …


एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / बदले )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: