एक चुप्पी

एक चुप्पी
हमारे लबों पर बैठी
ताले सी

चाबी का गुच्छा
तेरी अल्लड मुस्कान
images

33 टिप्पणियाँ

  1. संगीता पुरी said,

    अगस्त 15, 2009 at 11:41 अपराह्न

    वाह !!

  2. अगस्त 16, 2009 at 3:21 पूर्वाह्न

    आनन्द आ गया तस्वीर में भी और रचना में भी

  3. अगस्त 16, 2009 at 3:29 पूर्वाह्न

    वाह जी ..लाजवाब रचना है.

    रामराम.

  4. preeti tailor said,

    अगस्त 16, 2009 at 3:58 पूर्वाह्न

    mskuralo jeebharkar aaj ,
    tala khol do aur jindagiko bah jaane do ,

    muskurate hue padh li ye post bhi …..

  5. MEET said,

    अगस्त 16, 2009 at 4:17 पूर्वाह्न

    Bahut khoob.

  6. kshama said,

    अगस्त 16, 2009 at 4:53 पूर्वाह्न

    Badee hee sundar rachnaa..chand alfaaz aur gahree baat..!

  7. रचना said,

    अगस्त 16, 2009 at 5:44 पूर्वाह्न

    waah

  8. digamber said,

    अगस्त 16, 2009 at 7:01 पूर्वाह्न

    Khoobsoorat……….. muskaan ti vise bhi har taale ki chaabhi hoti hai ……. fir chuppi ki kya baat hai……… vaah…. mazaa aa gaya …..

  9. aadityaranjan said,

    अगस्त 16, 2009 at 7:41 पूर्वाह्न

    बहुत खुब..

  10. अगस्त 16, 2009 at 9:14 पूर्वाह्न

    जाने कब… ?

    ताले की आगोश को चाभी मयस्सर हो
    या फिर
    चाभी ताले के लबों को बस छू कर ही गुज़र जाये

    जाने कब….. ?

  11. अगस्त 16, 2009 at 3:16 अपराह्न

    सुंदर. यही तो है मन की उड़ान.

  12. rashmi prabha said,

    अगस्त 16, 2009 at 4:25 अपराह्न

    waah

  13. archana said,

    अगस्त 16, 2009 at 6:41 अपराह्न

    waah bahut khoob

  14. Urmi said,

    अगस्त 17, 2009 at 1:15 पूर्वाह्न

    वाह बहुत बढ़िया और लाजवाब रचना लिखा है आपने और साथ में सुंदर चित्र भी!

  15. muflis said,

    अगस्त 17, 2009 at 1:09 अपराह्न

    कोई खूबसूरत सी प्रतिक्रिया
    हमारे मनों में
    और
    इज़हार का ज़रिया
    आपकी
    उम्दा क़लम का कमाल ….

    बहुत अच्छी रचना
    बधाई
    —मुफलिस—

  16. praney said,

    अगस्त 17, 2009 at 6:28 अपराह्न

    yaar aap hindi me kaise likhte ho ..aur blog par ye pic kaise lagai huyi hai
    plz guide me i am new in it

  17. vish said,

    अगस्त 18, 2009 at 10:45 पूर्वाह्न

    hummm waise dost har chuppi ki chabi hoti hai…….lakin aapki ye laenen kam shabdo main bahut kuch kah jati hai……?
    mere blog par bhi swagat hai……

    Jai Ho Mangalmay HO

  18. rohit said,

    अगस्त 19, 2009 at 8:49 अपराह्न

    tumhare labo pe taala nahi laga hai na……nahi lagana …..haste rahna…muskil hai….per …?

    haste rahna….jane kaha kho gai hai humari hasti to…

  19. अगस्त 20, 2009 at 11:54 पूर्वाह्न

    अच्छा है ! पढ़ कर मुस्कान आ गई !

    आपका यह चंद पंक्तियों में अभिव्यक्ति का तरीका अच्छा है, जुदा है इसे जारी रखें !

    सादर…
    स्याह !

  20. Mahfooz said,

    अगस्त 20, 2009 at 6:14 अपराह्न

    Arey! wah!!!!!!!! mazaa aa gaya padh ke………. chand lafzon mein bahut hi badi baat kah di aapne……….

    ———————————————————-

    Aur itna khoobsoorat comment dene ke liye dhanyawaad……..

  21. rakesh singh said,

    अगस्त 20, 2009 at 9:59 अपराह्न

    ववाह … छोटी सही पर है मजेदार |

  22. Ketan said,

    अगस्त 23, 2009 at 4:31 अपराह्न

    kamaal mehak.. faqat kamaal…

  23. अगस्त 23, 2009 at 5:16 अपराह्न

    वाह !! खूबसूरत अंदाज़-ऐ-बयां

  24. अगस्त 24, 2009 at 12:04 पूर्वाह्न

    महक जी,
    आपकी रचना का कोई सानी नहीं..कम शब्द गहरी बात…क्या बात है लाजवाब..
    आपने तो बस आज मेरा तन-मन महका दिया ….भला आपको कैसे याद रहा कि आज हमारा जन्मदिन है…..
    अरे हम तो बस नाच उठे हैं आपकी मुबारकबाद पाकर….
    महकने लगे हैं हम महक से मिलकर
    या खुदा मेरी दुआओं से महक का आँगन महका दो….

  25. alpana verma said,

    अगस्त 24, 2009 at 4:04 पूर्वाह्न

    waah! bahut khuub …thode shbdon mein sandesh pahuncha diya!

  26. Mahfooz said,

    अगस्त 24, 2009 at 6:02 अपराह्न

    hamne socha ki aapne kuch naya likha hoga……

  27. अगस्त 25, 2009 at 10:51 पूर्वाह्न

    बहुत ही जबरदस्त कविता
    रचना का अंदाज कमाल का है
    आभार

    ********************************
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  28. अगस्त 27, 2009 at 3:16 पूर्वाह्न

    बहुत सुंदर ।

  29. सितम्बर 13, 2009 at 2:10 अपराह्न

    इतने कम शब्दों में भी कोई नज़्म इतनी सुंदर बन सकती है, कभी सोचा न था…

    चुरा कर ले जा रहा हूँ किसी के लिये!


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