नन्ही चिड़ियाँ

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दरख़्त के घोसले में बैठी नन्ही चिड़ियाँ
घंटो नीले आसमान को तकती रहती

अपने खयालों को वो बहुत उंचा उड़ाना चाहती है |

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हमेशा गोल चाँद हमारे हिस्से होता
और आधा चकोर तुम्हारे हिस्से

वक़्त के साथ सिर्फ तुम्हारा चाँद बढ़ते देखा |

20 टिप्पणियाँ

  1. M Verma said,

    सितम्बर 21, 2009 at 4:18 पूर्वाह्न

    बेहतरीन है
    भावपूर्ण और अर्थपूर्ण

  2. सितम्बर 21, 2009 at 4:25 पूर्वाह्न

    क्‍या खूब लिखा है !!

  3. Ram said,

    सितम्बर 21, 2009 at 4:56 पूर्वाह्न

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  4. सितम्बर 21, 2009 at 6:36 पूर्वाह्न

    आखिरी त्रिवेणी जादू जगा रहा है…

  5. सितम्बर 21, 2009 at 9:20 पूर्वाह्न

    बहुत प्यारी लगी आप की यह नन्ही चिडियां
    धन्यवाद

  6. om arya said,

    सितम्बर 21, 2009 at 11:43 पूर्वाह्न

    behad bhawapurn rachana………

  7. सितम्बर 21, 2009 at 11:43 अपराह्न

    चिडिया और चांद दोनो ही सुंदर महक जी ।

  8. Urmi said,

    सितम्बर 22, 2009 at 1:49 पूर्वाह्न

    बहुत ही सुंदर, प्यारी और भावपूर्ण कविता लिखा है आपने! चित्र और कविता दोनों बढ़िया लगा!

  9. preeti tailor said,

    सितम्बर 22, 2009 at 6:42 पूर्वाह्न

    mehsoos karne ke labz hai …

  10. digamber said,

    सितम्बर 22, 2009 at 7:56 पूर्वाह्न

    LAJAWAAB AUR KITNA MAASOOM HAI KHWAAB …… CHAND LAAINO MEIN SAMETE LAJAWAAB SHABD …..

  11. rashmi prabha said,

    सितम्बर 22, 2009 at 5:14 अपराह्न

    nanhi chidiya ki udaan aur chaand …..dono ne moh liya

  12. alpana said,

    सितम्बर 24, 2009 at 9:24 अपराह्न

    dono triveniyan bahut achchee hain–dusri wali bahut hi achchhee lagi

  13. Urmi said,

    सितम्बर 25, 2009 at 1:02 पूर्वाह्न

    मुझे तो इस बात पर आश्चर्य लग रहा है आखिर मुझ पर ऐसा घिनौना इल्ज़ाम क्यूँ लगाया गया? मैं भला अपना नाम बदलकर किसी और नाम से क्यूँ टिपण्णी देने लगूं? खैर जब मैंने कुछ ग़लत किया ही नहीं तो फिर इस बारे में और बात न ही करूँ तो बेहतर है! आप लोगों का प्यार, विश्वास और आशीर्वाद सदा बना रहे यही चाहती हूँ!

  14. सितम्बर 25, 2009 at 6:45 पूर्वाह्न

    आपकी रचना! आपके ख़यालों कि तरहां बहोत मीठी और सुंदर है।

  15. kshama said,

    सितम्बर 28, 2009 at 8:25 पूर्वाह्न

    Rachna aur saath dee tasveer, dono aprateem !
    Anek shubh kamnayen!

  16. preeti tailor said,

    सितम्बर 28, 2009 at 8:55 पूर्वाह्न

    kam alfaz aur itna kuchh ,
    jarra ek jamin ka
    udan bhar raha hai ,
    aasman ko bhar raha hai ……

  17. saket said,

    सितम्बर 29, 2009 at 9:12 पूर्वाह्न

    NICE


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