चाँद तुझ पे ये दिल मेहेरबान

 

चाँद तुझ पे ये दिल मेहेरबान
आसमां में रहता ज़मीं पर् आओ
चाहो संग सितारों का कारवाँ लाना
मिलकर सब जन्नत के गीत सुनाओ 

क्या सच में जादुई है तेरी दुनिया
कल्पवृक्ष खिलता और जो चाहे मिलता
हमे भी कुछ पूरे करने है अरमान
तेरा जादू कर पाएगा, बोलो बताओ 

निशा के पग क्या होती रे पायल
लोरी सुना हमे क्या नींद सुलाती
छन  छन की ध्वनी सुनी न हमने
कह दो उस से कोई दूजा स्वर रचाओ

आओ न मनमोही दो ना जवाब
या तू भी खुद जादू और धुंधला है ख्वाब?

5 टिप्पणियाँ

  1. kshama said,

    मई 17, 2010 at 5:53 पूर्वाह्न

    आओ न मनमोही दो ना जवाब
    या तू भी खुद जादू और धुंधला है ख्वाब?
    Dua karti hun,tumhara yah khwab..yah chahat pooree ho!

  2. रंजन said,

    मई 17, 2010 at 2:08 अपराह्न

    बहुत खूब..

  3. मई 20, 2010 at 2:37 अपराह्न

    बहुत खूब … बहुत दीनो बाद आज आपका लिखा पढ़ा … हमेशा की तरह लाजवब …

  4. mehek said,

    मई 21, 2010 at 5:38 अपराह्न

    sabhi ka bahut shukran


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