अजीब रिश्ता

आज बाप्पा का विसर्जन दिन,ऐसे लगता है जैसे कोई अपना घर से विदा हो रहा हो | फिर भी कहते है गणेश जी आज खुश रहते है,उनकी माँ से मिलने दौड़े जाते है | अब खाली हाथ तो नहीं भेजा जा सकता ,सो करंजी का प्रसाद साथ में बाँध कर ले जायेंगे | फिर अगले साल जल्दे aane के लिए कहना नहीं भूले हम |

लाखों भक्तो की इतनी सारी डिमांड्स न जाने कैसे पूरी करते होंगे ? आज तो बस हुश स्स्स्स जान में जान आई होगी उनके:) | एक दोस्त बीमार है,और यहाँ अकेली रहती है,सो हम उन्हें घर ले आये | कल से जरा उनकी तबियत जरासी ठीक है | खाने में फिर आलू पराठा,और मटकी और गरमा गरम दाल,चावल बनेंगे | हफ्ते भर से कोई बारिश नहीं ,गर्मी बेहद है | बादल का एक टुकड़ा भी दिखा तो आस लगी रहती है |

कितना अजीब रिश्ता है तुमसे

के तेरे आने न आने से बदल जाता

एक नज़रिए का खेल सारा ,और क्या ….

11 टिप्पणियाँ

  1. rashmi prabha said,

    सितम्बर 22, 2010 at 6:49 पूर्वाह्न

    sach hai….ganpati bappa moryaa

  2. सितम्बर 22, 2010 at 7:31 पूर्वाह्न

    गणपति मौर्या ,अगल बरस भी जल्दी आना.
    ……………………….
    ‘करंजी ‘ का क्या अर्थ है महक?
    —-
    आप अपनी बीमार सहेली को घर ले कर आई,बहुत अच्छा किया .अब देखना जल्दी ही स्वस्थ हो जायेंगी.

  3. mehek said,

    सितम्बर 22, 2010 at 1:06 अपराह्न

    alpana ji karanji mararashtrian mithai hai jo khas kar diwali par banti hai,andar khoya,nariyal aur gud ka mishran hota hai aur upar maide ka cover lagakar ghee mein fry karte hai.

  4. alpana said,

    सितम्बर 23, 2010 at 3:40 पूर्वाह्न

    shukriya Mahak ,aap kee bheji vidhi bhi mil gayeee hai.

  5. Rewa Smriti said,

    सितम्बर 23, 2010 at 1:59 अपराह्न

    Hmmm.. Ganapti bappa mor ya…agle baras tu jaldi aa….🙂

  6. digamber said,

    सितम्बर 23, 2010 at 2:25 अपराह्न

    कहीं बारिश तो कहीं बूँद भी नही …. बप्पा … कैसे खेल हैं तेरे …

  7. सितम्बर 24, 2010 at 7:17 पूर्वाह्न

    उसके खेल निराले। बधाई।

  8. सितम्बर 28, 2010 at 2:42 अपराह्न

    सब एक नज़रिये का ही खेल है

  9. Sonali said,

    अक्टूबर 25, 2010 at 8:54 पूर्वाह्न

    Bahot Khub dear…:)

    Go thr my blog also..
    http://www.niceshayari-poems.blogspot.com/

  10. नवम्बर 2, 2010 at 2:55 पूर्वाह्न

    such men nazariye ka fark hai. Ganpati bappa ke widai bahut Awsad bhar deti hai manmen par aapne ek nek kam kar ke us awasad ko bhaga diya. Achcha laga aapko fir sakriy dekh kar.

  11. devendra said,

    अक्टूबर 30, 2011 at 1:59 अपराह्न

    नन्हे से दीपक में सजाई बाती
    रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति
    हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर
    दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

    अंधेरी गलियों में जो हम भटक जाए
    तेरे उजियारे से मन की प्रज्वलित हो आशायें
    मुश्किलें आए तो साथ निभाना शाम-ओ-सहर
    दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

    तूफानो के काफ़िले आएंगे गुजर जाएंगे
    कोशिश होगी तुम बुझ जाओ,चुभेंगी हवायें
    विश्वास के बल पर तय हो जीवन का सफर
    दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

    अपने लौ को सदैव मध्यम ही जलने दो
    प्रकाश पर खुद के कभी घमंड न हो
    प्रेरणा बनो सबकी, दिखाना राह-ए-नज़र
    दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |


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