खुद कभी पहल किया कीजिए

खुद कभी पहल किया कीजिए एक कदम
राह तो एक ही मंज़िल पर मिलेंगी हमारी
माना के कल ही बात हुई थी जैसे अपनी
ऐसा क्यूँ लगता है मुद्दत हुई तेरी आवाज़ सुने हुए….

3 टिप्पणियाँ

  1. नवम्बर 26, 2011 at 8:43 पूर्वाह्न

    वह पहल नही करते तो कहना पडता है
    एक कदम आप उठाइये एक कदम हम
    फिर देखिये फासले कैसे न होंगे कम ।

  2. Rewa Smriti said,

    जनवरी 23, 2012 at 6:26 पूर्वाह्न

    माना के कल ही बात हुई थी जैसे अपनी
    ऐसा क्यूँ लगता है मुद्दत हुई तेरी आवाज़ सुने हुए….

    wah Mehek!

    Sorry for delay respond😦

  3. sailesh vashisht said,

    अप्रैल 30, 2012 at 12:03 पूर्वाह्न

    teri aawaj sune muddat hui to koi baat nahi
    aaj meri baat gaur se sun sunata hun ek baat nai.


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