एक नगमा

सुनती आई हूँ आप सब के गीत मैं आज तक

सन्जो के रखा है मैने हर एक शब्द

आप सब के गीतो की मिठास

घुली हुई है मेरे जीवन में चीनी सी

जिसकी मधुरता है मुझ में आज तक

सारे आपके गीत है नितांत सुंदर

जो करते आए है मुझे मोहित

ख्वाब सा एक बूत बन गयी हूँ मै

जैसे कोई चीज़ हूँ सुशोभित

पर आज मुझमे भी जीवन है जागा

मै भी कुछ कहना चाहूं

लेकर हाथों में मंन की वीना

मैं भी एक सुर सज़ाउ, मैं भी एक नगमा सुनाउ….

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