कायनात झुक जाएगी

कायनात झुक जाएगी

हबीब-ए-सुलताना तेरा अक्स देखा था पानी में
ऐसा हुस्न-ए-माहताब पहेले न देखा ज़िंदगानी में |

सितारों की चुनर ओढ़ जो निकलेगी हूर-ए-जन्नत
कायनात झुक जाएगी छूने लब-ओ-गुल रवानी में |

मल्लिका-ए-दीदार-ओ-दिल नामुमकिन है यहा
शब-ओ-महक छोड़े वो अपनी कदम-ए-निशानी में |

जंजीर-ए-इश्क़ में क़ैद कर लिया है खुद को
रहनुमा गुस्ताखियाँ हो माफ़ हुई गर नादानी में |