मुस्कुराहट के गुलाब

मुस्कुराहट के गुलाब

मुस्कुराहटसे सजे जो लब , नूर-ए-शबाब खिले है
एक मुस्कुराहट में हमारी , हज़ारो गुलाब मिले है |

हमारी मुस्कुराहटसे सबको , नशे चढ जाते है
कोई होश में आने से पहले, हम फिर मुस्करा लेते है |

मुस्कुराहट को एक बार तू चख ले जाहिल
जहर-ए-जाम भी ये अमृत बना देते है |

Advertisements