वही पलाश के फूल लाना तुम

वही पलाश के फूल लाना तुम

चले जो कभी लहराती हवाये 
काया को मृदुसी छुकर  जाये
हमारी छुअन का आभास कराये
हमारी याद दिल को सताए
बिन बुलाये पास चले आना तुम
जो हमारे प्यार के गवाह सदा  है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो बहारों का मौसम आये
रंगो से सारी अवनी सज जाये
हमारी ख़ुशबू का आभास जताए
हमसे मिलन को तरसाए
याद कर हमे यूही मुस्कुराना तुम
जो हमारे साथ महके सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो पुकारे बेसुद घटाए
प्यार की बुन्दो को बरसाए
हमारी बाहो का आभास कराए
हमारी तन्हाई और बढ़ाए
प्यार की सुरीली मेहफ़ील सजाना तुम
जो हमारे संग गाते सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |

कभी जो नभ पर चाँद आये
अपनी शीतल चाँदनी बिखराये
हमारे अक्स का आभास कराए
हमे देखने जिया मचल जाये
पलको में अपनी हमे बसाना तुम
जो हमारे साथ रौशन सदा है
साथ वही पलाश के फूल लाना तुम |