roshni

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 ज़िंदगी में जब होता नही है मनचाहा
लगता जैसे दिल ने,सारा दर्द है सहा
खुली आँखों से भी नज़र आता है अंधेरा
ढूँढ कर भी जब,नही मिलता कश्ती को किनारा
उमीद की नन्ही किरण से,मिलता है हौसला
रोशनी की राह बन जाता,मोंम का उजाला.

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