yadoon ke rang

कुछ पल जिंदगी के होते है कितने अच्छे
मुलायम और मासूम से
कभी हम अंजाने ही मूड जाते उन राहों पर
निहारने उन लम्हों को
जो सजे थे प्यार से
नही जानती,क्या यादों का रंग है सुनहरा
पर यादों से मेरा रिश्ता है मीठा गहरा
आसमान से लेकर नीलाई
और इंद्रधनु से सारे रंग
किरानो से चुरा कर लाली
और श्वेत फूलों के संग
चाहती हूँ उन लम्हों का एक चित्र बनाना
चाहती हूँ उन लम्हों में फिर से जीना
चाहती हूँ यादों के रंग में आज फिर रंग जाना..

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