हाइकू- नारी

हाइकू- नारी

1. ममता से भरी
    अन्नपूर्णा कहलाती है
    जन्मदात्रि

2. जिसके बिना
    सारा जग सुना सुना
    मा है वो

3. कलाई पर राखी
    भाई की दुलारी
    बहन वो

4. लक्ष्मी सी आई
   खुशियों का धन लाई
   बेटी वो

5. समर्पित सदैव
    विश्वास पर खरी
   अर्धांगिनी

6. पूजनीय सबकी
    आदरभाव जिसके लिए
    देवी वो

7. बिदाई की रस्म
    जग की रीत है
    बेटी रोए

8. अपनो के गम
    आँचल में छुपाती
    धरती जैसे

9. चाँद पर आज
    रखा कदम नारी ने
    बढता हौसला

10. चाहत उसकी
      दिवानगी की हद तक
      प्यार की मूरत.

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हाइकू – सवेरा

हाइकू – सवेरा

1. पंछीयो की किलबिल
    सूरज निकलते ही
    घरौंदा छोड़े

2. चाँद छुप गया
    चँदनी खो गयी
    अधूरे स्वप्न

3. दव की बूँदे
    फूल खिले है
    महेकती ताज़गी

4. घना सा कोहरा
   पत्तियों का जाल
   चमकी किरने

5. अरुण रथ दौड़ा
    एक नया दिन
    रौशन जहाँ

6. अख़बार के पन्ने
    चाय का प्याला
    तरोताज़ा दिन

7. प्रभु का नाम स्मरण
    शंख का नीनाद
    आशीर्वाद पाए

8. रंगो की चुनरी
    अंबर भी शरमाये
    भोर हुई

9. भीगे है गेसू
   गालो पे लट है
   मनमोहक अदा

10. काम पे जाना
    अपनो से दूर
     ज़िंदगी है