बारिश तेरा आना

 

आधी रात

सितारों की बारात

मेघ बने घोड़े

बदरा आए दौड़े दौड़े

बिजली की थिरकन

हवाओ में कंपन

कही अपने आप बजते

बासुरी के स्वर

कही यूही गुनगुनाते

हौले से अधर

अनगिनत अरमान बाहों में

कितने ही मोती खयालो में

छम छम सी बूंदाबांदी

बिखरे दिल की ख्वाहिश

भीगे हुए से हज़ारों

ख्वाबों की आजमाइश

पहले से तय होता

ये हमने माना

पर् हर बार नया सा लगता

बारिश तेरा आना…..

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उमस भरी दोपहरी में

उमस भरी दोपहरी में
गर्मी की चादर ओढ़े धूप टहल रही थी
वो बादल का टुकड़ा आया
झाक के देखा उसने, आँखों के सूखे मोती
दौड़ा भागा , कुछ आवाज़ लगाई
लू से भारी हवा ठंडक बन लहराई
छाव का शामियाना धरा पर सज़ा
हज़ारों बादलों का जमघट जो लगा
टापुर टापुर बूंदे बड़ी बड़ी झूमको सी
राह पर गिरती , माटी से मिलती
खिड़की खुलने से पहले ही
नयनो के रास्ते मन बाहर था
आवारा बरसातो में भीगता
धूल गया पूरा के पूरा
चमकता नयी कोरी स्लेट सा
नयी हरियाली के उगम में
खुद को समेटता……….

पहली बूँद

पहली बूँद

आज इस वक़्त गर्मी से अलसाया मौसम भीग रहा है | बरसात की बूँदों ने
अपना गीत छेड़ दिया | छन छन सी प्यासी धरती पर नाच रही है वो बूँदें |
और भीग भीग कर मद मस्त हुए मन के मयूर पंख पसारे स्वागत कर
रहे है बदलाव का |

   ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो ,खुशियों की हवायें अपना रुख़ हमारी और
बदल रही है | तन पर गिरती हर बूँद , जाने मन को भी किन किन 
हसीन यादों में भीगा रही है | वो मीठे एहसास फिर उभर कर आते है |

   माटी की सौंधी सी खुशबू तेरा ही पैगाम देती है | उसी की तरह तुम भी
हमारी साँसों में बसे हो | वही खिड़की,वही कोफ़ी का कप,वही मस्ताना
र्रिमझिम सा गीत,वही तेरी बातों और हँसी की याद |बहुत दूर हो हमसे 
तुम ,क्या सुन रहे हो दिल के साज़ ? पगली कहते हो हमे तुम,वही सवाल 
बार बार करती हूँ, जानती हूँ समझ जाते हो तुम अनकहे ही इस दिल के राज |

मेघा बरसो रे आज

मेघा बरसो रे आज

मौसम बदल रहा है ,एक नया अंदाज़ लाया
बहती फ़िज़ायो संग रसिया का संदेसा आया
आसमान पर बिखरे सात रंग
रोमांचित,पुलकित,मैं हूँ दन्ग
भिगाना चाहूं इन खुशियों में तनमन से
मेघा बरसो रे आज बरसो रे |

वादीया भी तुमको,आवाज़ दे रही है
हवाए लहेराकर अपना साज़ दे रही है
घटाओ का जमघट हुआ है
रसिया का आना हुआ है
भीगना चाहती हूँ रसिया की अगन मे
मेघा बरसो रे आज बरसो रे |

हरे पन्नो पर बूँदे बज रही है
मिलन की बेला मैं अवनी सज रही है
थय थय मन मयूर नाच रहे है
पूरे हुए सपने,जो अरसो साथ रहे है
भीगना चाहती हूँ,प्यार के सावन में
मेघा बरसो रे आज बरसो रे |