कुछ शेर-गणतन्त्र दिवस के अवसर पर

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कुछ कर गुजरने की गर तमन्ना उठती हो दिल में
भारत मा का नाम सजाओ दुनिया की महफिल में |

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हर तूफान को मोड़ दे जो हिन्दोस्तान से टकराए
चाहे तेरा सीना हो छलनी तिरंगा उंचा ही लहराए |

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बंद करो ये तुम आपस में खेलना अब खून की होली
उस मा को याद करो जिसने खून से चुन्नर भिगोली |

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किसकी राह देख रहा , तुम खुद सिपाही बन जाना
सरहद पर ना सही , सीखो आंधियारो से लढ पाना |

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इतना ही कहेना काफी नही भारत हमारा मान है
अपना फ़र्ज़ निभाओ देश कहे हम उसकी शान है |

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विकसित होता राष्ट्र हमारा , रंग लाती हर कुर्बानी है
फक्र से अपना परिचय देते,हम सारे हिन्दोस्तानी है |

गणतन्त्र दिवस की आप सबको बधाई.

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ये हिन्दोस्तान सारा ,ये गुलिस्ताँ हमारा

ये गुलिस्ताँ हमारा

रंगबिरंगी फूलों का चमन सजा हो जैसे
हर धर्म को अपने मन में बसाया है वैसे
विविधता की झाकियों का दर्शन कराता 
अनेकता में एकता का संदेसा पहुचाता
भारतवासी को लगता जान से प्यारा
ये हिन्दोस्तान सारा ,ये गुलिस्ताँ हमारा |

सोने की चिड़िया करती अब भी यहाँ बसेरा
अथांग सागर से बनी ताकत,तीनो किनारा
हिमालय की उँची चोटिया जिसका सहारा
नादिया उसकी गोदी में पलती,बसती,बहती
चमकीला कोहिनूर वो,दुनिया में सबसे न्यारा
ये हिन्दोस्तान सारा , ये गुलिस्ताँ हमारा |

आज़ादी के बाद क्यों फैला ये अंधियारा
किस बात की लढाई, किसने किसको मारा
भूल जाए आपस के मतभेद आज के दिंन से
बनाओ फिर सबको अपना एक बार दिल से 
रौशन करा दो चिरागे,खिल जाए उजियारा
ये हिन्दोस्तान सारा , ये गुलिस्ताँ हमारा |

एसे धीरज खोकर बिगड़े काम ना बन पाए
हिम्मत धाडस मन में बांध ले,समझाए
मिलकर कोशिश करो फिर हरियाली छाए
सत्ता की नही जरूरत,वो बिसरा अमन लाए
उठ जाओ,बढ़ाओ कदम,अब देस ने पुकारा
ये हिन्दोस्तान सारा , ये गुलिस्ताँ हमारा |