दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर

नन्हे से दीपक में सजाई बाती
रौशनी चारों तरफ,निखरी हुई ज्योति
हर पल तप तप कर तुम हो जाना प्रखर
दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

अंधेरी गलियों में जो हम भटक जाए
तेरे उजियारे से मन की प्रज्वलित हो आशायें
मुश्किलें आए तो साथ निभाना शामसहर
दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

तूफानो के काफ़िले आएंगे गुजर जाएंगे
कोशिश होगी तुम बुझ जा,चुभेंगी हवायें
विश्वास के बल पर  हो जीवन का सफर
दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

अपने लौ को सदैव मध्यम ही जलने दो
प्रकाश पर खुद के कभी घमंड  हो
प्रेरणा बनो सबकीदिखाना राहनज़र
दीप तुम जलते रहना यूही निरंतर |

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नयी सुबह आई है

नयी सुबह

जिसका कल से था इंतज़ार
वह नयी सुबह अब आई है
नये साल के साथ है आई
नया आगाज़ संग लाई है |

नयी सुबह से मैं भी
नयी साँसे आज ले रही हूँ
मनका पुराना मलिन चोला
फिर नयासा में धो रही हूँ |

नयी सुबह में फिर मैं
नया जनम आज ले रही हूँ
मन में अंकुरित होने वाले
नये सच्चे बीज बो रही हूँ |

नयी सुबह से आज मैं
पहली किरण ले रही हूँ
मन में प्यार का उजाला करे जो
नये दीप रौशन कर रही हूँ |

नयी सुबह को मैं भी
नया वचन आज दे रही हूँ
हर दिन कुछ अच्छा काम करूँ
नया वादा मैं एसा कर रही हूँ |

नयी सुबह के साथ मैं
नये सपने आज बुन रही हूँ
पुराने उलझे धागे खोलकर
नये सफ़र पर मैं निकल रही हूँ |

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तेरी पायल की रुनझुन

तेरी पायल की रुनझुन

दिल में हलचल कराती है
दिल में मीठे सुर सज़ाती है
दिल से गीत सुनाती है
दिल को महफ़िल बनाती है
तेरी पायल की ये रुनझुन |

दिल में तेरी याद लाती है
दिल से तुझे बुलाती है
दिल के मिलन को तरसाती है
दिल से तुझे अपना मीत बनाती है
तेरी पायल की ये रुनझुन |

दिल में दीप जलाती है
दिल की राहे रौशन कराती है
दिल को अपनी लौ से पिघलाती है
दिल में प्रीत जगमगाती है
तेरी पायल की ये रुनझुन |

पास  हो  तुम  सदा  मेरे , ये एहसास  कराती है
तेरी पायल की ये रुनझुन,कई हसरते जगाती है |

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