प्यार और दर्द का गहरा रिश्ता होता है

15385.jpg

प्यार और दर्द का गहरा रिश्ता होता है
दोनो है अलग फिर भी हमे भिगोता है |
दोनो में ही आँखों से निकलते वो आँसू
दोनो में ही दिल सिसक सिसक के रोता है |
तस्सली देनेवाले तो मिल जाते है बहोत
मरहमदवा करनेवाला कोई ना होता है |
चोट तो हमे लगती है मगर इस कदर
गले लगाओ जितना,मंन और चैन खोता है |
उनके चेहरे पर गम,अंदर मुस्कान के साए
दूसरे का गम देख,कोई और खुश होता है |
इतना ना करो जतन,के खुद को बैठो भुलाए
दुनिया के सामने तेरा  फसाना बहुत छोटा है |
पलकों का परदा हटाओ,सितारे गुलशन सजाए
ऐसा कभी ना सोच के तुझसे हर रब रूठा है |

Advertisements

रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान

रुपहली किरनो से सजाया जो आसमान
चाँद के बिन सितारे अधूरे  से लगते  है |

समंदर की गहराई में छुपाया जो खजाना
मोतियो  के बिन सीप अधूरे से लगते है |

इज़हार करने जाओ जो गमजमाना
आसुओ के बिन नयन अधूरे से लगते है |

महफ़िल में सजाओ जो गीतो का तराना
सुरताल  के बिन साज़ अधूरे से लगते है |

तुम हमे कितनी अज़ीज़ कैसे करे बयान
महक‘  के  बिन फूल अधूरे से लगते है |

फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे

फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे
हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा |
फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन करते
जीवन बगिया में  मद मस्त जिये जा |
कुदर की सुनहरी धूप और गरमाहट
हमेशा ,हर कदम पे महसूस किये जा |
जो प्यार इस धरा से तुम्हे नसीब हुआ
उसके कुछ अंश हर दिल को दिये जा |
ये सारी प्रक्रुति जब प्यार से चहकेगी
जाते हुए उसकी दुआ तू संग लिये जा |

तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए

तकदीर ने कुछ अनकहे फ़ैसले सुनाए
कबुल कर उन्हे  सराखों  पर  लिये है |

ये दर्द छलक कही नासूर ना बन जाए
जख्म इस टूटे जिगर के सारे सिये है |

ये  सोचकर कही प्यासे  ना  मर जाए
जाम जहर  के हमने हंस कर पिये है |

जुदा होकर भी ,तेरी  खुशिया ही चाही
दुनिया की रस्मे रिवाज़ अदा किये है |

तुमने मोहोब्बत से कुछ पल ही चुराए
ज़िंदगी के पूरे लम्हे उसे हमने दिए है |

फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते |


चिट्ठाजगत अधिकृत कड़ी

काटो से भरी राहे चुनकर जो चलते है अक्सर
फूलों के बिस्तर उन्हे रास नही आया करते |

इश्क़ की मुश्किल डगर जो थाम लेते एकबार
तूफ़ानो से डरकार वो वापस नही जाया करते |

जीवन की गहराई में जो सत्य रौशन कराए
झूठ के अंधेरो में वो कभी नही सोया करते |

खुदा की खुदाई पर जो जहन में भरोसा रखे
छोटिसी ठोकर से वो शक्स नही रोया करते |

रूह से रूह का रिश्ता जो जुड़ जाए कसम से
चाहे जनम बदल जाए वो टूट नही पाया करते |

top post

तेरे कदमो के निशान

रात रात भर करटे बदलते नज़र आये
तेरी यादों के साये बेवक़्त हमे सलते है |

दुनिया की सच्चाई से रिश्ता तोड़ लाए
तुझसे मिलनके ख्वाब में हम पलते है |

तुझ तक पहुँचना अब मुश्किल ना रहा
तेरे कदमो के निशान पर हम चलते है |

top post

ग़ज़लो की दीवानी

booknfeather.gif 

   ग़ज़लो की दीवानी

आज कल पग पग निशानी
मैं बस ग़ज़ल सोचती जाउ
किसी पल तुम देखो मुझको
मैं बस ग़ज़ल तलाशती पाउ |

ना जाने ये कैसा खुमार है
मुझे इससे कब इनकार है
ग़ज़ल  बन रहा मेरा जीवन 
मुझे इससे अब इकरार है |

जिस गली भी लगा शामियाना
तखलूस हो रही ग़ज़ल जहा पर
कही और ढूँढने की नही ज़रूरत
मुझे भी तुम पाओगे वहा पर |

दिल से सुनती हूँ ग़ज़ल को
दिल से अपनाती हर लफ्ज़ को
भारी उर्दू अल्फ़ाज़ जो ना समझू
दिल से कोई अर्थ लगाती उनको |

हम तो बस इतना ही जानते
शेर जोड़ कर ग़ज़ल है बुनते
काफिया,बहर,मतला,रदिक
ये  सब हम  नही  समझते |

हम  भी  ये सब  सीखना चाहे
ताकि खालिस ग़ज़ल लिख पाए
हम भी खुदकी  महफ़िल सजाए
और ग़ज़लो की दीवानी कहलाए.|

top post

खुदा तेरी खुदाई की कसम तुझे

खुदा तेरी खुदाई की कसम

जूस्तजू है अदब से एक बार
रूबरू करा दे यार से एक बार |

रास्ते में टकराए है उनसे बहुत
निगाहे मिला दे बस एक बार |

उनसे तो हम कत्ल हो चुके
इज़हार-ए-इश्क़ का गुनाह करा दे एक बार |

खुदा तेरी दर का हज कर लिए
यार के दर पर सजदा करू एक बार |

खुदा तेरी खुदाई की कसम तुझे
मेरी दुआ कबुल , कह एक बार |

top post

रब्बा दीदार करा दे

रब्बा दीदार करा दे

रब्बा ये मुझे क्या हुआ है
शायद इश्क़ का बुखार चढ़ा है |

रब्बा मैं सूद बुद खो बैठी
अक्सर मैं बेहोश हूँ रहती |

रब्बा क्यूँ मुझे नींद ना आए
किसकी याद है,जो मुझे सताए |

रब्बा क्यूँ मन उलझ गया है
सबने हमे दीवानी कहा है |

रब्बा कौन है वो काफ़िर बता दे
मिलने जिससे दिल भी रज़ा है |

रब्बा जो मर्ज़ मुझे दिया है
उसके दिल को वही सज़ा दे |

रब्बा अब तो दीदार करा दे
दर्द दिया है , तूही वा दे |

top post

इश्क़ इज़हार के तरीके अलग अलग होते है

तोहफा देनेवाले की भावना को समझो
कीमत से तोहफे अलग अलग होते है |

अपना काम पूरी श्रद्धा और लगन से करो
हर काम के नतीजे अलग अलग होते |

हर एक इंसान की बातो को अर्थ से जानो
सबके बातो के सलीके अलग अलग होते है |

दिल की राहो पर अपने प्यार को पहचानो
इश्क़ इज़हार के तरीके अलग अलग होते है |

top post

« Older entries