हाइकू-गूँज

हाइकू-गूँज

1.परबतो से टकराई
गूँज उठी चारो दिशा में
आवाज़ तुम्हारी

2.अख़बार में
हर दिन गूंजते है
दुनिया के फसाने

3.अमिर की उठति
ग़रीब की दबती रहती
आवाज़ की गूँज

4.कही भी रहे
मा के कानो में गूँजे
नन्ही किलकारी

5.रस्मे पूरी होती
शहनाई की गूँज
शादी सपन्न

6.अपनी मोहोब्बत
दिल में गूँजे
तेरा तराना

7.वादियों में
गीत गूंजते
इश्क़ के

8.खाली पेट
चीखों की गूँज
भूख तड़पाती

9.झूठ बोलने पर
गूँजता अंतरमन
धिक्कारता खुदको.

10.कम सुनी है
आज के ज़माने में
सच्चाई की गूँज