फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे

फूलों से रंग और महकती मधु बूंदे
हर सुबह नज़रों से बिन भूले पिये जा |
फिर भंवरे के जैसी मीठी गुंजन करते
जीवन बगिया में  मद मस्त जिये जा |
कुदर की सुनहरी धूप और गरमाहट
हमेशा ,हर कदम पे महसूस किये जा |
जो प्यार इस धरा से तुम्हे नसीब हुआ
उसके कुछ अंश हर दिल को दिये जा |
ये सारी प्रक्रुति जब प्यार से चहकेगी
जाते हुए उसकी दुआ तू संग लिये जा |

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हाइकू- प्रकृति

हाइकू- प्रकृति
1.बहती हवाए                                                     
  लहराते हरेभरे खेत
   चंचल मन

2.कोयल की कुक
  दिल में मिठास
  सुरीला गीत

3.नदिया की धारा
  सागर मिलन की उमंग
  लंबे रास्ते

4.हरियाली छाई
  धरती सजी है
  नया अंकुर

5.तितली फुलो पर
   रंगबिरंगी समा है
   मधु चुनती

6.भंवर की गूंजन
   खूबसूरत फूल ढूँढना
   छुपना है

7.सूरज की लाली
   गालो पर मेरी
   शर्माउ मैं

8.नीला आसमान
  चारो दिशाओ में अस्तित्व
  विशाल हृदय

9.परबतो की बस्ती
  उँचाई को छुना चाहे सब
   पत्थेर दिल

10.प्रकृति दुल्हन बनी
     अंतरमन प्रसन्न हुआ
     मुस्कान खिली