resham dor

हम सब बंधे हुए है
एक न दिखाई देनेवाले छोर से

हम महसूस करते है,मानते है
आत्मा में उनका निवास है

सुख हो या दुख
मन में कोलाहल हो या शांति

सदा हमारे संग चले
राह दिखाए भटके गर हम
आपने निर्मल व्यवहार से

करुणा उनकी अगाध है
सेवा भाव गर निस्वार्थ है

उनकी भक्ति में हो जायें विभोर
बधा रहे हमारा बंधन उनसे
जब तक है जीवन की रेशम डोर

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